थानेदारों की हीलाहवाली इस बार कानपुर पुलिस कमिश्नरेट पर भारी पड़ गई। आईजीआरएस की रैंकिंग में बड़ा सुधार होने के बाद भी 12 थानेदारों की लापरवाही अव्वल बनने के रास्ते में रोड़ा बन गई। इन थानेदारों की वजह से कई नंबर कटने पर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने चिंता जताई है। सीपी का कहना है कि जल्द ही नए सिरे से प्रयास कर रैंकिंग में सुधार किया जाएगा। दूसरी ओर विभाग में चर्चा है कि लापरवाह थानेदारों पर भी गाज गिरना तय है।
बता दें इस बार आई आईजीआरएस की रिपोर्ट में पुलिस कमिश्नरेट को 22 रैंक मिली है जबकि पिछली बार 55वीं रैंक मिली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैंकिंग में खासा सुधार है। जिले के 40 थाने इस रैंकिंग में अव्वल रहे लेकिन 12 थानों के प्रभारियों की हीलाहवाली के चलते कई नंबर कटे हैं। इन थानेदारों ने विवेचनाएं निपटाने, फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण व कागजों के रखरखाव में लापरवाही बरती है। खामियाजा यह रहा कि कानपुर पुलिस टॉप टेन में आने से चूक गई।
इन थानेदारों की रही लापरवाही
लापरवाह थानेदारों में गोविंदनगर, रावतपुर, सजेती, कल्याणपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर, मूलगंज, बिठूर, हरबंश मोहाल, बर्रा, शहर कोतवाली, हनुमंत विहार शामिल हैं। महकमे में चर्चा है कि हाल ही में हुई क्राइम मीटिंग के बाद भी थानेदारों में फेरबदल नहीं हुआ लेकिन अब कुछ न कुछ ऊथल-पुथल होगी।