अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने बीएसए दफ्तर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर धरना दिया इसके बाद 20 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ज्ञापन लेकर निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया।
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर समिति जेल भरो आंदोलन चला रही है। 24 जनवरी को कर्मियों ने विकास भवन के बाहर धरना देकर गिरफ्तारी दी थी। इसके बाद मंगलवार को ब्लाक कार्यालय परिसर में करीब 50 कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन के 20 लोगों ने गिरफ्तारी दी।
संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के जिलाध्यक्ष सूरज सिंह यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बंद किया जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया है जबकि एक बार सांसद व विधायक बनने के बाद उन्हें बराबर पेंशन दी जाती है वहीं 60 वर्ष की उम्र तक सेवा करने के बाद कर्मियों से बुढ़ापे का सहारा छीन लिया गया। संगठन इसके लिए संर्घष करता रहेगा। 17 फरवरी तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो 18 फरवरी को लाखों कर्मचारी व शिक्षक लखनऊ में एकत्र होकर जेल जाएंगे। धरने के बाद महेश गुप्ता, अमरदीप सिंह, प्रेमपाल सिंह, अर्जुन सिंह, चंद्रभान सिंह, विमल कुमार, संदीप पाल, हरपाल, रामआसरे, सुशील कुमार, संजय कुमार, इंद्रजीत, विनोद कुमार सहित 20 लोगों ने गिरफ्तारियां दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने इन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया। बुधवार से कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। मंच के जिला संयोजक एचएन शुक्ला ने बताया कि इस बार आर पार की लड़ाई का एलान है। जब तक प्रभावी हल नहीं निकलता है कर्मचारी लगातार हड़ताल पर रहेंगे। उन्होने बताया कि 12 फरवरी तक हड़ताल रहेगी।
पेंशन बहाली की मांग को लेकर 20 कर्मियों ने दी गिरफ्तारी
18 फरवरी को लखनऊ में जेल भरो आंदोलन की तैयारी
- माती में मशाल जुलूस निकाल कर सौंपा ज्ञापन
फोटो संख्या-05 एकेबीपी22- पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर गिरफ्तारी देते कर्मचारी