उन्नाव। जिला अस्पताल में कहने के लिए डायलिसिस यूनिट खोल दी गई है लेकिन
इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों को जांच के बाद निजी
सेंटरों पर भेजा रहा है।
शहर के मोहल्ला तालिब सरांय निवासी शबीना बेगम गुर्दा रोग से पीड़ित हैं। उन्हें जिला
अस्पताल के चिकित्सकाें ने सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराने की सलाह दे रखी है।
आर्थिक रूप से कमजोर शबीना के परिजनों ने जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर का
रुख किया लेकिन डाक्टर न होने की बात कह उन्हें लौटा दिया गया। इसी तरह शहर के
गांधी नगर निवासी हरदयाल को भी सप्ताह में एक बार निजी सेंटर में डायलिसिस करानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होने की जानकारी पर जब वह अस्पताल पहुंचे तो उन्हें भी स्टाफ न होने की बात कह लौटा दिया गया।
सीएमएस डा. एम लाल के अनुसार डायलिसिस सेवा शुरू करने के लिए अभी कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। सेवा नि:शुल्क रहेगी या इसके लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा यह भी तय नहीं हुआ है। इसके अलावा स्टाफ की नियुक्ति भी नहीं हुई है। गाइडलाइन व स्टाफ मिलते ही सेवा शुरू कर दी जाएगी।
- गरीब मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज का लाभ
- सीएमएस बोले, गाइडलाइन और स्टाफ मिलने पर शुरू होगी सेवा