घाटमपुर (कानपुर)। प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि यूपी रोडवेज के बेड़े में शामिल खटारा बसों को शीघ्र की बाहर किया जाएगा। जबकि, उनकी जगह पूरे प्रदेश में 700 नई सीएनजी और 65 स्लीपर बसें सड़कों पर दिखेंगी। इसके अलावा निगम निजी बसों को भी अनुबंध पर संचालित कराएगा। उन्होंने तहसील मुख्यालय घाटमपुर से कानपुर देहात जिला मुख्यालय माती (अकबरपुर) के लिए भी दो रोडवेज बसें चलवाए जाने का वादा किया।
परिवहन मंत्री रविवार को कस्बे में आयोजित अटल काव्यांजलि समारोह में शामिल होने आए थे। इससे पहले उन्होंने कसबा निवासी और भाजपा के जिलामंत्री वेदव्रत सचान के आवास पर पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार में ओवरलोडिंग पर काफी हद तक लगाम लगी है। इसके बावजूद मौरंग-गिट्टी ढोने वाले ट्रक ओवरलोड चल रहें हैं। इनके पकड़े जाने पर उनको दोहरा जुर्माना भरना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में आरटीओ की मनमानी से वाहन चालकों को छुटकारा मिला है। उन्होंने मार्ग दुर्घटना बाहुल्य शहरों में पहली अक्तूबर से सड़क सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित कराने की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अक्तूबर के महीने से प्रदेश के कई जिलों से जनरथ एसी बसों के संचालन की शुरुआत होने जा रही है। बताया कि रोडवेज के बेड़े से करीब एक हजार खटारा बसों को बाहर किया जा रहा है। बताया कि अभी प्रदेश के 38 हजार गांवों में रोडवेज बसों की उपलब्धता नहीं है। इसको ध्यान में रखते हुए ऐसे रूट बनाए जा रहे हैं, जिनसे अधिकाधिक ग्रामीणों को लाभ मिले। बताया कि प्रदेश में 27 नए रोडवेज बस स्टेशन अक्तूबर तक बनकर तैयार हो रहे हैं। इनमें 21 का संचालन निजी क्षेत्र को दिए जाने की योजना है। उन्होंने दावा किया कि डीजल तेल की महंगाई के बावजूद भी रोडवेज 22 करोड़ रुपये के लाभ पर है। इधर, परिवहन राज्यमंत्री को पटेल सेवा मंडल के सदस्यों ने 31 अक्तूबर को कस्बे में आयोजित किए जाने वाले पटेल जयंती समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।