अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। अधिवक्ता का पड़ोसी द्वारा बनाई गई दीवार को लेकर काफी दिनों से चला आ रहा विवाद इतना बढ़ा कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष के साथ पहुंचे तमाम अधिवक्ताओं मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने दीवार ही तोड़ डाली। सूचना पर पहुंचे कोतवाल और सिटी मजिस्ट्रेट ने मामला शांत कराया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष व दीवार बनाने का विरोध कर रहे वकील के अलावा 50 अज्ञात वकीलों के खिलाफ मारपीट, धमकी व छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज की है। देर शाम वकील ने भी पड़ोसी व उसके पिता के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया है।
शहर के मोहल्ला रामपुरी निवासी अधिवक्ता विनय शुक्ला के पड़ोसी राकेश कश्यप ने एक सप्ताह पूर्व दीवार का निर्माण शुरू कराया था। अधिवक्ता विनय शुक्ला का कहना है कि दोनों घरों के बीच में तीन फीट की नाली है। राकेश ने करीब बीस साल पहले अपने मकान की छत बढ़कर (अधिवक्ता की दीवार तक) बना ली थी। इसे लेकर काफी समय से विवाद चला आ रहा था। 2009 से दीवानी न्यायालय में मुकदमा भी चल रहा है। एक महीने पहले जांच के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग और पुलिस ने दूसरी मंजिल पर दीवार बनाए जाने को गलत पाया था और निर्माण पर रोक लगा दी थी।
इधर राकेश ने दीवार का निर्माण फिर शुरू करा दिया। खिड़की और रोशनदान बंद होने से दीवार बनाने का विरोध कर रहे अधिवक्ता विनय शुक्ला ने बुधवार सुबह मामले की जानकारी बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला को दी थी। दोपहर को सतीश शुक्ला तमाम अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे और विवादित दीवार तोड़ दी। राकेश की पत्नी सीमा ने विरोध किया और दीवार गिरा रहे अधिवक्ताओं की मोबाइल से फोटो खींचने लगी। इस पर कुछ अधिवक्ताओं ने छीनाझपटी भी की।
सूचना पर प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार, सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह और कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक अधिकांश अधिवक्ता जा चुके थे। सीमा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि जिस वक्त अधिवक्ता तोड़फोड़ कर रहे थे उस वक्त उसने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। सीमा का आरोप है कि इस दौरान अधिवक्ता सतीश शुक्ला, विनय शुक्ला और अन्य वकीलों ने उससे मारपीट कर छेड़छाड़ भी की। पीड़िता की तहरीर के आधार पर कोतवाली प्रभारी ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला व उसके पड़ोसी अधिवक्ता विनय के अलावा 50 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ छेड़छाड़ व मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है।
देर शाम बार एसोसिएशन अध्यक्ष सहित तमाम अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे अधिवक्ता विनय शुक्ला ने राकेश व उसके पिता पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता विनय की तहरीर पर पुलिस ने राकेश व महेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एक सप्ताह पूर्व भी हुआ था विवाद
रामपुरी में अधिवक्ता विनय व पड़ोसी के बीच एक सप्ताह पूर्व विवाद हुआ था। विवाद की सूचना पर प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे थे। हालांकि समस्या का निस्तारण नहीं हो सका था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया राकेश द्वारा बनाई जा रही दीवार गलत है। जब नीचे नाली की जगह छूटी है तो ऊपर छत कैसे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि लेकिन अधिवक्ताओं द्वारा खुद ही दीवार तोड़ देना भी गलत है।
झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया, सतीश शुक्ला
बार ऐसोसिएशन अध्यक्ष सतीशु कमार शुक्ला ने बताया कि उनके व उनके साथ गए अधिवक्ताओं पर लगाए गए आरोप निराधार है। राकेश ने अवैध दीवार का निर्माण कराया था। इसे हटवाने के लिए एसपी और सिटी मजिस्ट्रेट से फोर्स की मांग की थी। अधिवक्ता पहुंच गए और अवैध निर्माण को गिरा दिया। राजनीतिक लोग इसके पीछे लगे हैं और झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि मुकदमे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सच्चाई सामने आ जाएगी।
-एक अधिवक्ता का पड़ोसी से दीवार बनाने का था विवाद, बार अध्यक्ष के साथ पहुंचे अधिवक्ताओं पर दीवार तोड़ने का आरोप
-महिला ने छेड़छाड़ व मारपीट का दर्ज कराया मुकदमा
-वकील ने भी दर्ज कराई जानलेवा हमले की रिपोर्ट