फूड प्रोसेसिंग इकाइयों से महिलाओं को भी जोड़ें
इन इकाइयों के लाभ में किसानों की हिस्सेदारी भी हो-राष्ट्रपति
कानपुर।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग इकाइयों से महिलाओं को भी जोड़ें। महिलाओं को आत्मनिर्भर करने से देश की तरक्की में बड़ा योगदान होगा। एक महिला के आत्मनिर्भर होने से पूरा परिवार समृद्ध होगा। फूड प्रोसेसिंग में इकाइयों के लाभ में किसानों की हिस्सेदारी भी हो। राष्ट्रपति चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश में लगभग 60 प्रतिशत खेती आज भी वर्षा पर आधारित है। वर्षा न होने से 13 राज्यों को सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ जाता है। जलवायु परिवर्तन के असर से छोटी जोत के किसानों को बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों को आगे आना होगा। उन्हें ऐसे बीज तैयार करने चाहिए जिनमें कम से कम पानी व लागत लगे और अच्छा उत्पाद मिले।
भूख, गरीबी, कुपोषण से मुक्ति के प्रयास हों
राष्ट्रपति ने कहा कि मानवता के संपूर्ण इतिहास में मानव विकास और संस्कृति के लिए समुचित खाद्य उत्पादन की व्यवस्था करना सदैव एक चुनौती रही है। लेकिन आजादी के बाद हमारे कृषि उत्पादन में असाधारण वृद्घि हुई है। इसके बावजूद देश को भूख, कुपोषण और गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
किसानों के लिए काफी कुछ हो रहा
राष्ट्रपति ने भारत सरकार की कृषि नीति का भी उल्लेख किया। बोले, सरकार की तरफ से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्पादन तथा लाभकारी अनफॉर्म और नान फॉर्म रोजगार सृजित किए जा रहे हैं। कृषि विकास के लिए देशभर में कृषि विश्वविद्यालयों की स्थापना हो रही है। खेती में इनोवेशन, मौजूदा संस्थानों में ढांचागत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अनुसंधान हो रहे हैं और किसानों को बेहतर परामर्श और वैज्ञानिक तरीके से क्लस्टर मॉडल का विकास किया जा रहा है।
हरियाणा, उड़ीसा, झारखंड के किसानों का दिया उदाहरण
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में हरियाणा, झारखंड और उड़ीसा के किसानों का उदाहरण दिया। बोले, हरियाणा के करनाल जिले में किसानों का एक समूह वैज्ञानिकों की मदद से फसल की अवशेषों से खाद बना रहा है। इसी तरह आईसीएआर द्वारा विकसित आम्रपाली एवं मल्लिका जैसी आमों की हाइब्रिड प्रजाति से उड़ीसा और झारखंड के आदिवासी किसानों ने अपनी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की है।
ये भी बोले राष्ट्रपति
- फूड प्रॉसेसिंग करके उपज का अच्छा मूल्य प्राप्त किया जा सकता है।
- फसल उत्पादन के साथ दुग्ध उत्पादन, पशु पालन, मछली पालन, मुर्गी पालन, बागवानी, रेशम कीट पालन को कृषि के साथ जोड़कर चलना चाहिए।
- नमामि गंगे कार्यक्रम में निर्मल गंगा, अविरल प्रवाह के साथ कृषि विकास पर काम हो रहा है।
- महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता दिवस के आंदोलन के दौरान किसानों को देश के लिए सबसे जरूरी बताया था।
- मेगा फूड पार्क के साथ ऐसे छोटे-छोटे कलस्टर भी बनाए जाएं जहां छोटे किसान कम मात्रा में भी अपना उत्पाद सीधे फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को दे सकें।
- किसानों को वैल्यू एडिशन का तरीका सिखाया जाए।