फतेहपुर। चर्च मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। उच्च न्यायालय ने उप निबंधक धर्मेंद्र चौधरी के निलंबन को गलत ठहराते हुए स्टे दे दिया है। स्टे देने के साथ ही उच्च न्यायालय ने शासन से जवाब तलब भी किया है।
चर्च प्रकरण में जमीन का गलत बैनामा करने के आरोप में पूर्व उप निबंधक धर्मेंद्र चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। अमर उजाला ने 11 जून के अंक में उप निबंधक के पास बैनामा प्रमाणित करने के अधिकार न होने की खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला ने विधि विशेषज्ञों के हवाले से बताया था एक्ट की धारा 35 का नियम 241 स्पष्ट कहता है कि बैनामा में खतौनी की पड़ताल करने का अधिकार उप निबंधक को नहीं है। निलंबित होने पर उप निबंधक ने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले में बुधवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने उप निबंधक के निलंबन को गलत ठहराते हुए स्टे आर्डर कर दिया है। निलंबन रोकने के साथ ही हाईकोर्ट ने शासन से पूछा है कि क्या एक्ट के विरुद्ध उप निबंधक काम कर सकते थे और क्या बैनामा को उप निबंधक अपने स्तर पर रोक सकते थे। यदि नहीं तो फिर किस आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। उप निबंधक ने बताया कि हाईकोर्ट से उन्हें न्याय मिला है। वह नियम के अनुसार ही कार्य कर रहे थे, बावजूद इसके उन पर कार्रवाई कर दी गई।
सब रजिस्ट्रार के निलंबन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
चर्च मसले में रजिस्ट्रार पर हुई कार्रवाई में हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो