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32 शिक्षक गिरफ्तार, रिहा

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अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। अखिलेश सरकार की ओर से वित्तविहीन शिक्षकों को शुरू की गई मानदेय देने की व्यवस्था पर योगी सरकार ने ब्रेक लगा दिया है। इसके विरोध में मंगलवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनरतले पूरे प्रदेश के शिक्षक लखनऊ में विधानसभा घेरने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने शांतिभंग में पीलीभीत व शाहजहांपुर के 32 शिक्षकों को लखनऊ चुंगी पर गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस लाइन सभागार में बैठा लिया। शिक्षकों को देर शाम निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
अखिलेश सरकार में वित्तविहीन शिक्षकों को करीब 1000 रुपये मानदेय दिया जा रहा था। योगी सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों को मिल रहा मानदेय बंद कर दिया। इसके विरोध में माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनरतले विधानसभा घेराव में शामिल होने बस से जा रहे शिक्षकों को पुलिस बल ने सुबह लखनऊ चुंगी पर रोक लिया। शिक्षकों ने इसका विरोध करते हुए नारेबाजी की। इनमें पीलीभीत व शाहजहांपुर के शिक्षक शामिल थे। पुलिस ने महासंघ के पीलीभीत के जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह पाल, जिला महासचिव महेंद्र कुमार गंगवार, शाहजहांपुर के प्रदेश संगठन मंत्री, देव मिश्रा सहित 32 शिक्षकों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में बैठा लिया। शहर कोतवाल भगवान सिंह ने बताया कि 32 शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 30 शिक्षक पीलीभीत के और दो शिक्षक शाहजहांपुर के है। उन्होंने बताया कि सभी को निजी मुचलके पर शाम को छोड़ दिया।
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देर से जागी पुलिस
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले मानदेय बहाली सहित कई मांगों को लेकर लखनऊ में वित्तविहीन शिक्षकों की ओर से विधानसभा घेराव का कार्यक्रम था। इसको लेकर जिलाध्यक्ष बादाम सिंह सहित अन्य पदाधिकारी तैयारी में जुटे थे, मंगलवार सुबह कुछ ट्रेन से तो कई अपने निजी वाहनों से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे के लिए निकल गए। पुलिस को इन शिक्षकों के जाने की भनक तक नहीं लगी। शिक्षक सुबह 9 बजे तक लखनऊ पहुंच चुके थे। देर से जागी पुलिस ने पीलीभीत व शाहजहांपुर से लखनऊ चुंगी पर गिरफ्तार कर लिया ओर देर शाम उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया। जिलाध्यक्ष बादाम सिंह ने बताया कि जिले से करीब 450 शिक्षक विधानसभा घेराव में पहुंचे हैं।
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वित्तविहीन शिक्षकों की यह है प्रमुख मांगे
वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय बहाली, 2010 के बाद मान्यता पाने वाले स्कूलों के शिक्षकों को मानदेय , अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण में छूट देते हुए मानदेय प्रक्रिया में शामिल करें, अंशकालिक शब्द हटाकर शिक्षक पदनाम से करें, शिक्षकों को पांच वर्ष तक लगातार पढ़ाने वोले शिक्षकों को सहायता प्राप्त स्कूलों में समायोजित करें, शिक्षकों के अनुभव को मान्य करते हुए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग में वरीयता दें


- 32 वित्तविहीन शिक्षक गिरफ्तार, रिहा
- मांगों को पूरा कराने के लिए विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे
-पीलीभीत व शाहजहांपुर के वित्तविहीन शिक्षकों को पुलिस लाइन में बैठाया


फोटो-10-पुलिस लाइन में बने सभागार में नारेबाजी करते वित्तविहीन शिक्षक।
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