उन्नाव। सरकार की सख्ती फिलहाल शिक्षकों में नजर नहीं आ रही है। अभी भी अधिकांश शिक्षक मनमाफिक अंदाज में ड्यूटी कर रहे हैं। बीएसए ने बुधवार को तीन स्कूलों का निरीक्षण किया।
जहां दो स्कूलों में छात्र संख्या आधी से कम होने के अलावा गंदगी का अंबार मिला। शैक्षिक स्तर भी काफी निम्न मिला। शिक्षिकाओं की हीलाहवाली पर अधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं एक स्कूल में शैक्षिक स्तर बेहतर होने पर शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र भी दिया।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बिछिया ब्लाक के तीन प्राथमिक स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। बीएसए सबसे पहले कटरा उमेदान प्राथमिक स्कूल पहुंचे। यहां कमरों से लेकर परिसर में भी गंदगी मिली। इसके अलावा हैंडपंप खराब और दूध का वितरण भी नहीं किया गया था।
कई खामियों के बीच बच्चों का शैक्षिक स्तर संतोषजनक न होने पर बीएसए ने शिक्षकों को जमकर फटकारा। लापरवाही पर शिक्षिका वंदना त्रिवेदी, कल्पना व संध्या कुशवाहा से स्पष्टीकरण तलब किया। इसके अलावा एक माह में खामियों को दूर करने के निर्देश दे जुलाई माह का वेतन रोका है। इसके बाद बीएसए जूनियर विद्यालय सरांय कटियान पहुंचे।
यहां भी खामियों के चलते स्टाफ अधिकारी के गुस्से का शिकार बने। छात्र उपस्थित संख्या काफी कम होने पर बीएसए ने शिक्षिका रंजना बाजपेई, मधु शुक्ला व पूर्णिमा से स्पष्टीकरण तलब किया है। फिर बीएसए प्राथमिक विद्यालय वशीरतगंज पहुंचे। जहां शिक्षिकाएं अपनी-अपनी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाते मिलीं।
शिक्षण कार्य का बेहतर प्रबंधन पाए जाने पर बीएसए ने डा. रश्मि तिवारी, अर्चना बाजपेई, शिवानी गुप्ता को प्रशस्ति पत्र देकर हौसलाफजाई किया।
-स्कूलों में गंदगी व छात्र संख्या में कमी पर बीएसए नाराज
-तीन शिक्षकों को 30 दिनों में शैक्षिक स्तर सुधारने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो