बकेवर। लवेदी थानाक्षेत्र के ग्राम असदपुर में तंत्र मंत्र के चक्कर में फंसकर लंबे समय से मानसिक रूप से बीमार 17 वर्षीय किशोर की मौत हुई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इंद्रौसी निवासी विजय सिंह का 17 वर्षीय पुत्र वेद प्रकाश ग्यारहवीं कक्षा का छात्र था। वह लंबे समय से मानसिक रूप से बीमार था। जिसका ग्वालियर सहित अन्य शहरों में काफी समय तक इलाज चला। इस इलाज से जब कोई लाभ नहीं हुआ तो उसके परिजन बीमारी को भूत प्रेत से जोड़कर देखने लगे।
जिसके चलते वह उसका और इलाज न करा कर तंत्र मंत्र के चक्कर में फंसते चले गए। जिसने भी युवक के मां बाप को जो भी तांत्रिक बताया उस तांत्रिक से उसकी झाड़ फूंक कराई। जिसने जो भी मंदिर और दरगाह बताई। वहां पर मत्था टेका फिर भी उसकी बीमारी में जब सुधार नहीं हुआ।
उसके पिता पांच जून सोमवार को असदपुर स्थित एक मंदिर पर झाड़ फूंक कराने के लिए एक तांत्रिक के पास गए, जहां एक सप्ताह तक उसकी झाड़ फूंक चली। रविवार की सुबह उसकी वहां मौत हो गई।
किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना ग्रामीणों ने लवेदी पुलिस को दी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस संबंध में एसओ अनिल यादव ने बताया कि किशोर मानसिक और शारीरिक रूप से लंबे समय से बीमार था।
ग्राम असदपुर में तंत्र मंत्र के चक्कर में फंस गया और उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। वही मृत किशोर के पिता विजय सिंह और अन्य परिजनों ने तांत्रिक के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से इंकार किया है।
-काफी समय से मानसिक रूप से बीमार चल रहा था किशोर