कानपुर। कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी के बाद जिले में करीब 11 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें लगभग 6100 शिक्षक हैं, जबकि शेष लाभार्थियों में शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइया और अन्य कर्मचारी हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थी और उनके आश्रित सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी इलाज करवा सकेंगे।
बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि शहर में योजना से जुड़े सभी पात्र शिक्षकों और कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए आवश्यक डाटा संकलन और अन्य तैयारियां की जा रही हैं। शासनादेश मिलते ही आगे की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। वहीं इस खबर पर शिक्षकों ने खुशी जताई है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकार की इस पहल से हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर उन कर्मचारियों को जो अब तक किसी बड़ी स्वास्थ्य योजना के दायरे में नहीं आ पाते थे।