कानपुर जिले में कोरोना की दूसरी लहर में 11 बच्चे अनाथ हुए हैं, जबकि 104 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता या पिता में से कोई एक बचा है। कुल 109 बच्चों का डाटा ‘बाल स्वराज’ पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। मंडल भर में ऐसे बच्चों की संख्या 148 है। इन बच्चों की सूचनाएं रिश्तेदारों, मोहल्ले वालों और खुद बच्चों या उनके अभिभावकों के जरिये प्रशासन तक पहुंची हैं। अनाथ बच्चों की सूचना देने से जो लोग रह गए हों, वे जिला प्रोबेशन कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार प्रतिमाह देगी चार हजार
योजना के तहत 10 वर्ष तक आयु के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रति माह दिया जाएगा। 11 से 18 वर्ष तक आयु के बच्चों की कक्षा-12 तक निशुल्क शिक्षा अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कराई जाएगी। तीन माह तक विद्यालय में अवकाश होने की दशा में प्रति माह चार हजार रुपये संरक्षक के खाते में दिए जाएंगे। इसी प्रकार सभी बालिकाओं की शादी के लिए एक लाख एक हजार की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
ये होंगे योजना के हकदार
इस योजना में 18 साल तक के ऐसे बच्चे शामिल किए जाएंगे, जिनके माता-पिता दोनों की मौत कोरोना से हो गई हो या फिर माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु एक मार्च 2020 के बाद कोरोना से हुई हो।