रूरा कसबे के बचीत भर्थू गांव में बुधवार की रात से मातम छाया हुआ है। छह
बच्चों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची। लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
सारी रात गांव में हादसे को लेकर चर्चाएं होती रही।
सुबह घरों में चूल्हे
तक नहीं जले। मलबे में दबे साल लोगों को ग्रामीणों ने मेहनत से निकाल लिया। इधर, मोबाइल
से 108 एंबुलेंस बुलाने पर मौके पर कोई नहीं आई।
ग्रामीण दीपू चंद्रभान का
कहना है कि मंगलपुर, रसूलाबाद, झींझक से एंबुलेंस की जानकारी करने पर पता
चला कि वह सभी मरीज लेकर निकली है। जिसने गांववालों की मुसीबत और बढ़ा दी।
रात
नौ बजे खाना खाकर छुट्टू कमल अपने परिवार के साथ सो गया। वह तीन बच्चों के
साथ बाहर सोया था और तीन बच्चे अंदर सो रहे थे। तभी एकाएक कच्चा मकान
धराशायी हो जाने पर सभी मलबे में दब गए। हालत यह थी कि किसी के मुंह से
सहायता के लिए चीख तक नहीं निकल सकी।