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बेटे बैंक की लाइन में लगे रहे, बीमार पिता ने दम तोड़ा

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भीतरगांव (कानपुर)। कस्बा स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा में रकम निकासी को अपने बेटों के साथ आए एक बीमार वृद्ध की मौत हो गई। वहीं, मृतक के बेटों का आरोप है कि बैंक मैनेजर की लापरवाही से उनके पिता की मौत हुई। घटना की जानकारी होने पर लोग बैंक के बाहर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। कोतवाली में शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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कस्बे के खदरी गांव निवासी रामकिशन साहू (62) का स्टेट बैंक में खाता है। रामकिशन बीते कई महीने से बीमार था और कानपुर में उसका इलाज कराया जा रहा था। रविवार को डाक्टरों ने उसको पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया। इसके चलते रामकिशन के बेटों को पिता के इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने फोन पर बैंक मैनेजर से बात कर पिता के नाम जमा पैसा निकालने की विनती की। जिस पर सोमवार को शाखा प्रबंधक ने बीमार रामकिशन और उसके तीनों बेटों को बैंक बुलवाया था।
रामकिशन के बेटे जयशंकर साहू ने बताया कि वह बैंक खुलने के समय बीमार पिता को एक वाहन में लिटाकर अपने भाइयों शिवशंकर और उमाशंकर के साथ बैंक पहुंच गया। साथ में पिता और भाइयों के आधार कार्ड एवं पहचानपत्र भी ले गया था। बताया कि शाखा प्रबंधक प्रभाकर तिवारी ने उससे विड्राल फार्म भरकर देने को कहा जो उसने भरकर काउंटर पर जमा कर दिया।
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जयशंकर ने बताया कि इसके कुछ देर बाद शाखा प्रबंधक ने खातेदार के हस्ताक्षर मेल न खाने की बात कहकर फार्म लौटा दिया और दूसरा भरकर देने को कहा। बताया कि तब तक उसके पिता की हालत और बिगड़ गई। जब उसने यह बात मैनेजर को बताई तो उसने अनसुना कर दिया। इस दौरान भीतरगांव के ग्राम प्रधान पति राकेश तिवारी और कई अन्य लोगों ने भी पैसा निकालने देने की सिफारिश की लेकिन, शाखा प्रबंधक ने पैसे का भुगतान नहीं किया और इसी दौरान रामकिशन की मौत हो गई।
वृद्ध की मौत होने की जानकारी मिलते ही लोग भड़के हो उठे और बैंक के बाहर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। यह देख शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों ने अंदर से बैंक का चैनल बंद कर लिया। सूचना पाकर कसबा चौकी इंचार्ज सुशील कुमार सिंह पहुंचे उन्होंने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। सीओ शैलेंद्र सिंह और कोतवाल रवि श्रीवास्तव भीतरगांव पहुंचे और लोगों से बातचीत करने के बाद उनको शांत किया।
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