फतेहपुर। मौसम के बदलते तेवरों के साथ संक्रामक बीमारियों का हमला भी तेज हो गया है। उमस और गर्मी की वजह से लोग वायरल फीवर व डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल व डायरिया से पीड़ित मरीजों की जांच की गई। वहीं मच्छर जनित रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
सोमवार सुबह जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों का तांता लग गया। सबसे अधिक मरीज बुखार, सर दर्द, सर्दी जुखाम के रहें। अस्पताल के डॉक्टर शोभित अगिभनहोत्री ने बताया कि मौसम में बदलाव के बीच वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। वायरल का असर मरीज पर तीन दिन तक रहता है। तेज बुखार के साथ व्यक्ति को शरीर में दर्द महसूस होता है। जबकि बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी अधिकतर पर्चे बुखार व सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों के थे।
अस्पताल में संक्रामक रोग के मरीजों की भीड़ के चलते पैथालॉजी में जमकर अव्यवस्था की स्थिति रही। पैथालॉजी के टेक्नीशियन ने बताया कि सोमवार को सबसे अधिक जांचें टायफायड और मलेरिया से पीड़ित मरीजों की हुई। हालांकि अधिकतर रिपोर्ट सामान्य रहीं। वहीं सोमवार को पैथालॉजी में अधिक भीड़ होने से कई मरीजों को लौटा दिया गया। जांच के लिए उन्हें दूसरे दिन आने को कहा गया।
डाक्टरों का कहना है कि कि लोग जब खुद ही अपना इलाज करने लगते हैं तो स्थिति और बिगड़ जाती है। अस्पताल में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो कई दिनों तक खुद ही अपना इलाज कर रहे या झोलाछाप की दवाएं ले रहे हैं। इस बीच हालत अधिक बिगड़ने के बाद ही वह अस्पताल पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि समय से इलाज न मिलने पर नोजल ब्लाकेज, चेस्ट इंफेक्शन के साथ अन्य खतरे रहते हैं।
इनसेट
वायरल बुखार के लक्षण
थकान, मांसपेशियों या बदन में दर्द, तेज बुखार, खांसी, जोड़ों में दर्द, दस्त, त्वचा पर लाल रैशेज, गले में दर्द, सिर दर्द व आंखाें का लाल होना वायरल बुखार के प्रमुख लक्षण है।
संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़
अस्पताल में बढ़ी वायरल व डायरिया के मरीजों की संख्या
मरीजों की संख्या बढ़ने से पैथालॉजी में रही अफरा-तफरी
अमर उजाला ब्यूरो