अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। डेरा सच्चा-सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम पर पंचकुला कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब-हरियाणा में भड़की हिंसा ने रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी। इस वजह से उन्नाव से होकर दिल्ली जाने वाली प्रयागराज व वरुणा एक्सप्रेस ट्रेन को जहां रद्द कर दिया गया। वहीं गोरखधाम, झांसी पैसेंजर व नीलांचल समेत आधा दर्जन ट्रेन कई घंटे देरी से स्टेशन पहुंची। जिसकी वजह से स्टेशन पर अव्यवस्था का माहौल बन गया। शुक्रवार रात प्रयागराज को बीच सफर में रोक दिए जाने से यात्रियों ने जमकर हंगामा किया । वहीं समय से गंत्वय तक पहुंचने के लिए भी यात्री परेशान हुए।
शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुए बवाल के बीच इलाहाबाद से चंडीगढ़ जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस को उन्नाव स्टेशन पर ही रोक दिया गया था। बीच सफर में उन्नाव स्टेशन पर ट्रेन रद्द किए जाने से यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों का कहना था कि पहले ही ट्रेन निरस्त होने की सूचना दे दी जाती तो उन्हें बीच सफर में न रुकना पड़ता। रेलवे द्वारा सामान्य टिकटों को वापस
न लिए जाने पर भी हंगामा हुआ। हंगामे की खबर मिलते ही स्टेशन मास्टर मेश्राम मौके पर पहुंचे। शुक्रवार देर रात लगभग दो घंटे तक स्टेशन पर हंगामा चलता रहा। इस दौरान कुछ यात्री बसों से गंतव्य की ओर रवाना हुए। जबकि कुछ वापस हो गए। उधर ट्रेनों के रद्द होने के साथ ही कई ट्रेनों की चाल भी बिगड़ गई। शनिवार को गोरखधाम, झांसी पैसेंजर, नीलांचल एक्सप्रेस समेत कई एलकेएम दो से तीन घंटे देरी से चली। ऐसे में इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
प्रतापगढ़ के कुंडा में रहने वाले संतोष के पिता हरिशंकर के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। वह प्रयागराज एक्सप्रेस से पिता का इलाज कराने वह दिल्ली जा रहे थे। उन्नाव में ट्रेन रद्द होने की सूचना पर वह स्टेशन पर उतर गए। दिल्ली तक जाने के लिए दूसरी ट्रेन का विकल्प न मिलने पर संतोष भाई मुकेश के साथ पिता हरिशंकर को हाथों में लादकर स्टेशन से बाहर निकले। यहां से वह बस से पिता को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए।
शुक्रवार देर रात प्रयागराज एक्सप्रेस के रद्द होने के बाद चंडीगढ़ तक सफर कर रहे यात्रियों ने टिकट रद्द करने की मांग की। सामान्य टिकट लेकर यात्री काउंटर पर पहुंच गए। यहां सामान्य टिकट न रद्द करने की बात कही गई। इस पर यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई यात्री टिकट लेकर स्टेशन मास्टर के पास पहुंच गए। स्टेशन मास्टर ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया।
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंजाब व हरियाणा के बिगड़े हालात से सेंट्रल यूपी का कारोबार भी प्रभावित होगा। आशंका जताई जा रही है कि स्थिति यदि जल्द सामान्य नहीं हुई तो गारमेंट, होजरी उत्पादों की आपूर्ति का संकट स्थानीय बाजार में खड़ा हो जाएगा। वह भी ठीक त्यौहारी सीजन के समय ।
मालूम हो कि जिले का अधिकांश कारोबार कानपुर महानगर की मंडियों पर ही निर्भर है। जिलों के बाजारों में 80 फीसदी से अधिक माल वहीं से आता है। शुक्रवार को हुए बवाल के बाद शनिवार को भी तनाव बना रहा। ऐसे में पंजाब से आने वाले मशीनरी उत्पादों के साथ ही होजरी व गारमेंट की सप्लाई ठप हो गई। पंजाब से यह माल कानपुर आता है और वहां से बाद में थोक व फुटकर व्यापारी स्थानीय बाजार में माल लाते है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने पंजाब-हरियाणा की आवाजाही शुक्रवार से ही ठप कर दी है। कारोबारी रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि अगर दो से तीन दिन में हालात सामान्य नहीं होते हैं तो इसका असर बाजार पर पड़ेगा।
हरियाणा-पंजाब के बवाल ने थामी ट्रेनों की चाल
-शुक्रवार रात से अफरा तफरी, टिकट वापसी पर विवाद
-प्रयागराज व वरुणा एक्सप्रेस रद्द, आधा दर्जन ट्रेनें देरी से पहुंची स्टेशन