फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फौजी ने खुद को गोली से उड़ाया

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुठौंद (उरई)। कुठौंद कसबा निवासी बीएसएफ के नायब सूबेदार ने रविवार रात लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त पत्नी भी कमरे में मौजूद थी। वह रक्षाबंधन मनाने चार दिन की छुट्टी पर घर आया था। पुलिस ने पिस्टल बरामद कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या की वजह गृहकलह बताई जा रही है। नायब सूबेदार ने पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी की थी।
कुठौंद निवासी बदन सिंह (38) पुत्र पृथ्वी सिंह बीएसएफ में नायब सूबेदार थे। इस समय उसकी तैनाती राजस्थान में है। बदन सिंह की पहली पत्नी ने कई साल पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस वजह से उसकी दो बेटियां व एक बेटा ननिहाल में रहते हैं। इस साल 28 फरवरी को उसने उपासना उर्फ लाली से दूसरी शादी की। चार अगस्त को वह रक्षाबंधन की छुट्टी मनाने राजस्थान से घर लौटा। रविवार रात खाना खाने के बाद वह कमरे में सोने चला गया।
विज्ञापन


उसकी मां विमला व पिता दूसरे कमरे में थे। रात करीब 11 बजे उसने लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मार ली। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गोली की आवाज सुन परिजन व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। कमरे में गए तो देखा पत्नी दीवार के सहारे बदहवास बैठी है। बदन सिंह के शव के बगल में उसकी लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। सूचना पर कुठौंद थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। उन्होंने पिस्टल को कब्जे में ले लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

कुठौंद थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि फिलहाल मामला खुदकुशी का है। पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों अपने कमरे में चले गए थे। पत्नी से पूछताछ में खुद के गोली मारने की बात सामने आई है। फिर भी छानबीन की जा रही है। अभी रिपोर्ट नहीं दर्ज है।
विज्ञापन



बीएसएफ में नायब सुबेदार बदन सिंह (38) पुत्र पृथ्वी सिंह निवासी कुठौंद की पहली शादी करीब 14 साल पहले औरैया जिले के चिरूली गांव की सती के साथ हुई थी। सती से बदन सिंह को तीन बच्चे ज्योति (13), स्वाति (10) और बेटा रवि (7) हैं। कई साल पहले सती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस वक्त बदन सिंह ड्यूटी पर था। इस साल 28 फरवरी को बदन सिंह ने शेखपुर बुजुर्ग गांव की उपासना उर्फ लाली से दूसरी शादी कर ली थी। शादी के कुछ दिन बाद बच्चों को ननिहाल पक्ष के लोग लेकर चले गए थे। तब से बच्चे वहीं रह रहे हैं। रक्षाबंधन पर पिता के घर आने पर भी बच्चे कुठौंद नहीं आए थे। परिजनों ने बताया कि बदन सिंह ने तीन महीने ही लाइसेंसी पिस्टल ली थी।


बीएसएफ के नायब सूबेदार ने खुद को गोली से उड़ाया
रक्षाबंधन पर चार दिन की छुट्टी पर आया था घर
आत्महत्या की वजह गृहकलह मान रही है पुलिस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें