कानपुर देहात। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह से जोड़ा जा रहा है। एनआरएलएम विभाग ने 251 नए समूह का गठन करते हुए 10148 महिलाओं को उसमें शामिल किया है। अब इन महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। शासन ने जिले के पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डधारक परिवार की तीन लाख से अधिक महिलाओं को समूह में शामिल करने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए डीएमएम (जिला मिशन प्रबंधक) व बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें समूह में शामिल कर रहे हैं।
उपायुक्त एनआरएलएम गंगाराम वर्मा ने बताया कि 230758 महिलाओं को चालू सत्र में समूह से जोड़ा जाना है। इन्हें नए या फिर पुराने समूह से जोड़कर खुद का कारोबार करने के लिए प्रेरित किया जाना है। जनवरी से अब तक पुराने व 251 नए समूह का गठन करते हुए 10148 महिलाओं को समूह में शामिल किया गया है। इनकी सूची तैयार करते हुए इन्हें इनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन महिलाओं को अलग-अलग बैच बनाकर आरसेटी से प्रशिक्षित किया जाना है। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने पर सीसीएल के तहत 1.5 लाख रुपये का ऋण प्रति समूह को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वह खुद का कारोबार शुरू कर सकेंगी और आत्मनिर्भर बनकर खुद की आमदनी कर सकेंगी।