यूपी के फर्रुखाबाद जिले में मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव फगुना अतनपुर निवासी सेंट्रल जेल के 101 वर्षीय कैदी की रविवार सुबह मौत हो गई। वह हत्या के मामले में ढाई वर्ष से पुत्र के साथ जेल में बंद था। जेल प्रशासन की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गांव फगुना अतनपुर निवासी केंद्रीय कारागार के कैदी श्रीकृष्ण(101) पुत्र बद्रीप्रसाद की सुबह तबियत बिगड़ने पर बंदीरक्षक श्याम सिंह व धर्मात्मानंद उन्हें लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। श्रीकृष्ण को हत्या के मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय से 27 जून 1983 को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील दायर की। इसमें 14 अगस्त 2015 को फैसला सुनाया गया।
इसके बाद जिला जेल से 18 दिसंबर 2016 से श्रीकृष्ण केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। उस दौरान वह 98 वर्ष के थे। इन दिनों कैदी श्रीकृष्ण लगभग 101 वर्ष ही आयु पूरी कर चुके थे। केंद्रीय कारागार अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने बताया कि हत्या के मामले में श्रीकृष्ण के साथ उसका पुत्र सुभाष भी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बुजुर्ग को सहूलियत की वजह से दोनों को एक बैरक में रहने की इजाजत दे दी थी। सुबह 7.20 बजे कैदी श्रीकृष्ण की हालत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल भेजा गया। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।