कानपुर देहात। झींझक नगर में नहर पुल के आसपास की जमीन सिंचाई विभाग की है। सड़क पटरी के बाद लोगों ने टिनशेड, टट्टर या फिर दीवार आदि बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। कब्जा हटाने की नोटिस की समय सीमा मार्च में पूरी हो गई। अब अतिक्रमण अभियान चलाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई है। मजिस्ट्रेट नामित होते ही अभियान चलाकर अतिक्रमण ध्वस्त कराया जाएगा।
सिंचाई खंड औरैया दिबियापुर की नहर शाखा झींझक नगर से होकर निकली है। किलोमीटर 150.750 पर झींझक में सड़क पटरी के बाद सिंचाई विभाग की खाली जमीन पर लोगों ने कब्जा कर कारोबारी गतिविधि शुरू कर दी। कोई टिन शेड लगाकर दुकान बनाए हैं तो किसी ने टट्टर लगाकर कारोबार शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने पक्का निर्माण भी कर लिया है। इस तरह से करीब 100 लोगों का अवैध कब्जा है। सिंचाई विभाग ने सर्वे कर 100 अतिक्रमण कारियों को चिह्नित किया। इसके बाद बीती फरवरी में कब्जेदारों को नोटिस दिया।
कब्जा खाली करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी। हालांकि इसके बाद भी किसी अतिक्रमणकारी ने सिंचाई विभाग की जमीन से कब्जा नहीं हटाया है। इस पर अब सिंचाई विभाग की ओर से ध्वस्तीकरण अभियान चलाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई है। एक्सईएन सिंचाई संजय कुमार ने बताया कि सर्वे में चिह्नित किए गए अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस देकर समय दिया जा चुका है। यह समय पूरा हो गया है। अतिक्रमण जस का तस है। ध्वस्तीकरण अभियान के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने को जिलाधिकारी को लिखा पढ़ी की गई है। मजिस्ट्रेट नामित होते ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा।