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कानपुर में हवाला बना नोट बदलने की मशीन, 1.41 करोड़ रुपये बरामद, हुए कई और भी खुलासे

Fri, 12 Apr 2019 10:48 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में हवाला बना नोट बदलने की मशीन - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में कटे-फटे नोट और छोटी को बड़ी करेंसी में बदलने के आड़ में हवाला कारोबार करने वाले सुधाकर जायसवाल और चार अन्य व्यापारियों के तीन कर्मचारियों से आईबी और आयकर विभाग की टीम ने लंबी पूछताछ की। कई और जांच एजेसियों ने भी एसपी पश्चिम के दफ्तर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई। सुधाकर समेत चारों के पास 1.41 करोड़ की रकम बरामद हुई है।

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शुक्रवार देर शाम तक कटे-फटे नोटों की गिनती चल रही है। पुलिस को 500 व 1000 के बंद हो चुके नोट और 50 व 100 के नोटों की नई गड्डियां भी मिली हैं। एसपी पश्चिम का कहना है कि स्कैन किए हुए दो हजार के नोटों के प्रिंट भी मिले हैं। उनका मानना है कि डिलीवरी के दौरान एजेंट और व्यापारी नोटों के इस प्रिंट का इस्तेमाल करते थे।

दिल्ली-मुंबई, राजस्थान तक लेन-देन करने की बात

कलक्टरगंज के रामगंज  बाजार (नयागंज) से पुलिस ने गुरुवार शाम की जगहों पर छापा मारा था। सुधाकर जायसवाल, राजस्थान के विष्णु पारिख, भैरों के घर में बने ऑफिस में बोरों व बैगों में नोट भरे मिले थे। विष्णु पारिख के चमनगंज निवासी कर्मचारी सैय्यद इमाद ,राजस्थान के मांगी लाल और भैरो के कर्मचारी सैफ और प्रदीप सिंह राठौर को दबोचा था।

सुधाकर के पास 86.90 लाख, सैफ व सैय्यद के पास 5.79 लाख और प्रदीप के पास 49.21 लाख रुपये मिले थे। इन लोगों ने अफसरों को बताया कि वे लोग कमीशन लेकर व्यापारियों की छोटी करेंसी को बड़ी में तब्दील करते हैं। साथ ही कटे-फटे नोटों का व्यापार करते हैं। सभी ने दिल्ली-मुंबई, राजस्थान तक लेन-देन करने की बात कही है।
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तीन मशीनों से नोटों की गिनती की गई

पुलिस टीमें फरार विष्णु पारिख, मांगी लाल, भैरो व भवानी की तलाश कर रही हैं। आयकर विभाग की पांच टीमों ने पूछताछ व नोटों की गिनती का काम किया। पुलिस की पांच टीमें इस काम में लगी रहीं। तीन मशीनों से नोटों की गिनती की गई।


विष्णु पारिख, सुधाकर और मांगी लाल व भैरो दिखावे के रूप में जीरा, हल्दी, मिर्चा का काम करते हैं। सभी के तार हवाला कारोबार से जुड़े हैं। आयकर, आईबी व अन्य एजेंसिंया जांच कर रही हैं। सुधाकर को तीन साल पहले सिकंदरा (कानपुर देहात) पुलिस ने पकड़ा था। यह देखा जा रहा है कि किस मामले में पुलिस ने उसे पकड़ा था।
संजीव सुमन, एसपी पश्चिम
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