एक करोड़ 12 लाख रुपये दे दिए
बातचीत के बाद लड़के राजी हो गए और लखनऊ में ध्रुव कुमार ने रविकांत यादव से बात करवा दी। 14 युवकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र दिए आर्मी नर्सिंग के सात ल़ड़कों के 11-11 लाख रुपये शेष के अग्निवीर के पांच-पांच लाख रुपये के हिसाब से 30 लाख रुपये बैंक खातों में और 82 लाख रुपये नकद कुल 1.12 करोड़ रुपये दे दिए।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
इसके बाद प्रार्थी के पुत्र और अन्य युवकों को लखनऊ में नियुक्ति पत्र और प्रशिक्षण के लिए बुलाया। किसी गुप्त स्थान पर प्रशिक्षण के लिए रखा गया। चार युवकों को नियुक्ति पत्र भी दिए। इसके बाद जब ध्रुव व रविकांत से नियुक्ति के बारे में पूछा, तो टालमटोल करने लगे। खोजबीन पर पता चला कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। दोनों ने जालसाजी व धोखाधड़ी से रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।