‘एक बार जो ठान लिया तो लाख मुश्किलें भी उसे डिगा नहीं सकती।’ जोश और जुनून से सराबोर जिले की युवा पीढ़ी ने बुलंदियों को छुआ है। आने वाली युवा पीढ़ी को भी यही संदेश दिया है। नई चुनौतियों का बेहद आसानी से सामना करने के साथ ही इस जनरेशन की सबसे बड़ी ताकत उसकी संकल्पित ऊर्जा है।
स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरणा लेकर इन युवाओं ने देश व दुनिया में जिले का गौरव बढ़ाया। स्वामी विवेकानंद का नाम आते ही मन में श्रद्धा और स्फूर्ति का संचार होता है। श्रद्धा इसलिए, क्योंकि उन्होंने भारत में नैतिक एवं जीवन मूल्यों को विश्व के कोने कोने तक पहुंचाया और स्फूर्ति इसलिए क्योंकि इन मूल्यों से जीवन को एक नई दिशा मिलती है।
शायद यही वजह है कि हम स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हैं। युवा दिवस पर युवाओं की प्रेरणा दायक कहानी उनकी जुबानी आप भी पढ़िए।
छोटे-छोटे प्रयास लाएंगे नया सवेरा
अभी तो नापी है अपने डग भर जमीन, साथ चलने को आसमान बाकी है। कुछ इसी अंदाज में शहर के युवा व्यवसायी हरीश केशरवानी ने गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाने का कदम उठाया है। अभी तक काफी बच्चों को कापी, पुस्तकें, स्कूल बैग आदि वितरित कर चुके हैं।
हरीश का कहना है कि शिक्षित समाज देश की तरक्की में बेहतर योगदान दे सकता है। इसके लिए युवाओं की भी जिम्मेदारी है कि वे समाज हित में कुछ न कुछ योगदान अवश्य दें। इसके लिए बड़े-बड़े आयोजन की जरूरत नहीं है, छोटे-छोटे प्रयास भी समाज को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
खुद के दर्द ने बनाया गरीबों का हमदर्द
बिरले ही होते हैं जो अपने दर्द के एहसास में गरीब की बेबसी व पीड़ा महसूस करते हैं। जसौली गांव के अधिवक्ता आफताब जमां खां उनमें एक हैं जिन्होंने गरीबी का दर्द करीब से जाना। आज वे वकालत की पढ़ाई पूरी कर गरीबों का दर्द बांटने के प्रयास में लगे हुए हैं। उनका सपना गरीबों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाना है। जल्द ही इसके लिए वे अपने युवा साथियों को भी प्रेरित कर एक मंच तैयार करेंगे जिसके जरिए समाज के अति गरीब लोगों को निजी तौर पर विधिक जानकारी आसानी से मुहैया हो सके।
धुन के पक्के हैं खुर्शीद आलम
सफलता के लिए ऊंची उड़ान जरूरी नहीं, बल्कि हम अपने काम को किस नजरिए से देखते हैं वो महत्वपूर्ण है। शायद इस बात को शहर के मोहल्ला बालापीर निवासी खुर्शीद आलम सिद्दीकी ने दिल में बसा लिया है। तभी तो महज मध्यम वर्ग में जन्मे इस युवा को विगत एक जनवरी के दिन कानपुर यूनीवर्सिटी में स्टूडेंट आफ द इयर के खिताब से नवाजा गया।
उसने बताया कि वह बैचलर आफ फिजियोथेरेपी के चतुर्थ वर्ष में पढ़ाई कर रहा है। यूनीवर्सिटी के इस्टीट्यूट आफ हेल्थ साइंसेस द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। वह पीजी करके गरीबी व जरूरतमंदों के सस्ते व सुलभ इलाज में योगदान देने का सपना रखते हैं।
-----------
फोटो 11केएनजेपी5 अंकित वैश्य
पर्यावरण के प्रति अलख जगा रहे अंकित
मोहल्ला कटरा बहादुर निवासी अंकित वैश्य बायोलाजी से ग्रेजुएट हैं। नौकरी न मिली तो मिठाई की दुकान पर पिता का हाथ बंटाने लगे। लेकिन इससे संतोष न मिला। विगत वर्ष उन्होंने पर्यावरण सेवादल नाम से एक स्वयंसेवी दल का गठन किया। इसमें अभी तक 20 युवाओं को जोड़ा है।
जो पालीथीन का प्रयोग न करने, पौधारोपण करने के लिए लोगों को जागरूक करते हैं। इसके अलावा प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में बच्चों के बीच प्रतियोगिताओं को भी आयोजित किया जा चुका है। संसाधन जुटाने में कुछ आर्थिक दिक्कतें भी आ रही हैं। इसके बावजूद प्रयास लगातार जारी हैं। उनका कहना है कि पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है।
क्षेत्र के गांव कपूरापुर में जागरूक युवाओं ने जन सहयोग से गरीबों को सर्दी से बचाने के लिए 125 कंबल बांटे। इसके अलावा गरीब बेटियों की शादी में एक कुंतल अनाज व 10 हजार रुपये नकद आर्थिक सहायता देने का संकल्प लिया।
कपूरापुर निवासी अनूप कटियार, कमलेश कटियार, संजीव, विमलेश, सिंधू आदि ने ग्रामीणों के बीच समाजसेवा की अलख जगाते हुए इस नेक काम के लिए मनाया।
इसके पास जन सहयोग से जो धनराशि इकट्ठा हुई उससे 125 कंबल खरीदे गए। इसके बाद गांव मोचीपुर के 5, आकिलपुर के 5, मधुपूर के 7, गुखरू के 5, नरायनपुरवा के 5, उदैतापुर के 5, सिखवा के 6, पहलवानगंज के 4, कपूरापुर के 80 गरीबों को चिह्नित किया।
रविवार को पात्र गरीबों को कन्या प्राथमिक विद्यालय मैदान पर चल रही भागवत कथा के समापन के बाद आयोजित भंडारा कार्यक्रम में भोजन कराया। बाद सभी को एक-एक कंबल प्रदान किया। युवा अनूप कटियार ने बताया कि जागरूक ग्रामीणों की कमेटी बनाई गई है। सब मिलकर पीड़ितों की सेवा व जरुरतमंदों की मदद की पहल करेंगे।
-----======================================
पढ़ाई, व्यापार के साथ खेलकूद की दुनिया में भी जिले के युवाओं ने आगे कदम बढ़ाने का सिलसिला जारी है। इस बार युवा कल्याण विभाग के मार्गनिर्देशन में जिले के दो उभरते युवाओं ने नेशनल स्तर पर दमखम दिखाने का मौका हासिल किया। केरल व गोवाहाटी में कन्नौज की प्रतिभाओं ने भी अपने जौहर दिखाए।
युवा कल्याण विभाग की तरफ से ब्लाक व शहर स्तर पर बीते कई सालों से खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए कवायद चल रही है। इसमें क्रीड़ा श्री के जरिए युवाओं को विभिन्न खेलों के बारे में जानकारी दी जाती है। इस मुहिम का असर दिखने लगा है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी अमिताभ कुमार ने बताया कि वर्ष 2014-15 के तहत राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के गांव असालताबाद निवासी मोनी राठौर का चयन हुआ है। मोनी राठौर कबड्डी की तेजतर्रार खिलाड़ी है।
ब्लाक, जनपद के बाद उसने प्रदेश स्तर पर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। इसके बाद उसे केरल में नेशनल स्तर पर आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए भेजा गया है। मोनी ठाकुर जनपद की एकमात्र बेटी है, जिसने कबड्डी के खेल में जिले व प्रदेश का नाम रौशन किया है।
इसी तरह गिटार वादन के क्षेत्र में शहर के मकरंदनगर निवासी अभितांशु दीक्षित ने जोरदार दस्तक दी है। पहली बार जब उसने जिला मुख्यालय पर आयोजित युवा महोत्सव के दौरान गिटार बजाया था तो हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया था। उन्हें तो उसी दिन एहसास हो गया था कि अभितांशु आगे चलकर लंबी दूरी तय करेगा।
उसकी प्रतिभा ने इसी साल असर दिखाया और उसका चयन नेशनल स्तर पर गिटार वादन प्रतियोगिता में हुआ है। देश के विभिन्न प्रदेशों से आए युवकों की गोहाटी में आयोजित गिटार वादन प्रतियोगिता में अभितांशु कन्नौज का प्रतिनिधित्व कर रहा है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लौटने पर इन दोनों खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत कर हौसलाफजाई की जाएगी।