मुड़िया गांव निवासी हंसराज(36) पुत्र बांकेलाल की शादी नहीं हुई थी। उसने अपने हिस्से की दो बीघा जमीन चचेरे भाई के हाथ 40 हजार रुपये में बेच दी थी। इसके बाद वह पंजाब में नौकरी करने चला गया था। तीन माह पहले पंजाब में उसके साथ दुर्घटना हो गई, जिसमें वह पैर से दिव्यांग हो गया। ठीक होने पर वह घर लौट आया। मंगलवार दोपहर बाद दो बजे के करीब खेत पर बनी झोपड़ी में लेटा था और खरबूजे की फसल की रखवाली कर रहा था। तभी उसके छोटे भाई लाल सिंह ने लाठी-डंडों से पीट पीट कर हत्या कर दी।
मुड़िया गांव में दो बीघा जमीन बेचने को लेकर विवाद में बड़े भाई हंसराज को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी भाई लाल सिंह को गांव से ही शाम को गिरफ्तार कर लिया है। चचेरे भाई ने आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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मुड़िया गांव निवासी हंसराज(36) पुत्र बांकेलाल की शादी नहीं हुई थी। उसने अपने हिस्से की दो बीघा जमीन चचेरे भाई के हाथ 40 हजार रुपये में बेच दी थी। इसके बाद वह पंजाब में नौकरी करने चला गया था। तीन माह पहले पंजाब में उसके साथ दुर्घटना हो गई, जिसमें वह पैर से दिव्यांग हो गया। ठीक होने पर वह घर लौट आया। मंगलवार दोपहर बाद दो बजे के करीब खेत पर बनी झोपड़ी में लेटा था और खरबूजे की फसल की रखवाली कर रहा था। तभी उसके छोटे भाई लाल सिंह ने लाठी-डंडों से पीट पीट कर हत्या कर दी। जब चचेरा भाई खेत पर गया तो आरोपी भाई लाल सिंह मौके से भाग गया।
चचेरे भाई महावीर पुत्र सुंदर लाल की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दरोगा राजेश प्रताप सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसपी प्रशांत वर्मा, सीओ शिव प्रताप सिंह, थाना प्रभारी कृष्णलाल पटेल मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ भी की।
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पत्नी को मायके भेज घटना को दिया अंजाम
आरोपी भाई लालसिंह ने सुबह अपनी पत्नी राजकुमारी और दो बेटियों को हसेरन रुउहा गांव भेज दिया। वहां उसकी साली की बुधवार को बरात आनी थी। सबसे छोटे भाई मौजलाल को मवेशियों को चराने के लिए भेज दिया। इसके बाद घर में अकेला रहने पर शराब पीकर घटना को अंजाम दिया।