कन्नौज। दलित महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में तीन वर्षों से जेल में बंद युवक को अदालत ने आरोप से बरी कर दिया है। उसे रिहा करने का आदेश देते हुए पीड़िता को शासन स्तर से मिली मदद को वापस लेने को कहा गया है।
चीफ डिफेंस काउंसिल श्वेतांक तिवारी ने बताया कि मामला विशुनगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां के निवासी भोला ठाकुर के विरुद्ध अनुसूचित जाति की एक महिला ने बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। उसी के मद्देनजर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाकायदा एससी-एसटी एक्ट समेत दुष्कर्म की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नंद कुमार की अदालत में हुआ। सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने साथ हुई घटना से मुकर गई। अभियोजन भी अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहा। न्यायाधीश नंद कुमार ने पेश हुए गवाहों के बयानों के आधार पर बुधवार को भोला ठाकुर को निर्दोष साबित करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। उन्होंने इस मामले की कथित पीड़िता को एससी-एसटी एक्ट के तहत शासन की ओर से मिली आर्थिक मदद को वसूलने का भी आदेश जारी किया है।