कन्नौज। जिले के 1653 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दो जोड़ी यूनिफार्म वितरण करने में बेसिक शिक्षा विभाग ने जमकर मनमानी की। अधिकारियों को भी गुमराह किया। दो जोड़ी यूनिफार्म का वितरण जुलाई-अगस्त में हो जाना चाहिए था। वितरण सत्र शुरू होने के सात महीने बाद भी नहीं हुआ। डीएम ने नौ अक्तूबर को जलालपुर पंचमा के प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया तो पोल खुल गई। बीएसए को नोटिस दी गई तो उन्होंने 15 अक्तूबर तक का समय सभी विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण के लिए मांगा है।
जिले में 1200 प्राथमिक व 453 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। यानी कुल 1653 विद्यालयों में करीब एक लाख 42 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। छात्रों को शासन से मिलने वाली दो जोड़ी यूनिफार्म के लिए साल के शुरुआत में ही कवायद शुरू कर दी गई थी। सभी बीएसए को निर्देश दिए गए थे कि समय पर दो जोड़ी यूनिफार्म का वितरण कराना सुनिश्चित किया जाए। शासन से 75 फीसदी बजट भी उपलब्ध करा दिया। धनराशि को प्रबंध समिति के खाते में काफी पहले भेज दिया गया। इसके बावजूद सभी विद्यालयों में दो जोड़ी यूनिफार्म का वितरण नहीं हुआ। विभाग की लापरवाही यहां तक रही कि मानीटरिंग भी नहीं की गई।
नौ अक्तूबर को जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने जलालपुर पंचमा प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां एक जोड़ी यूनिफार्म बंटने की जानकारी हुई। इस मामले का खुलासा होने और बीएसए दीपिका चतुर्वेदी की लापरवाही मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। बीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अब बीएसए ने यूनिफार्म वितरण के लिए जिलाधिकारी से 15 अक्तूबर तक का समय मांगा है।
वहीं बीएसए दीपिका चतुर्वेदी ने बताया कि मई माह में यूनिफार्म के लिए डिमांड भेजी गई थी। शासन ने 75 फीसदी धनराशि उपलब्ध कराई है। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए थे कि वह दो जोड़ी यूनिफार्म का वितरण करेंगे। इसमें लापरवाही बरती गई है। बीईओ ने कई प्रधानाध्यापकों से वार्ता की है। उनका कहना है कि टेलर अभी तक पूरी यूनिफार्म सिलकर नहीं दे सके हैं। इस कारण जो यूनिफार्म मिल गईं, उन्हें वितरित करा दिया गया।
जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण में मनमानी की गई है। उन्हें भी गलत जानकारी दी गई कि यूनिफार्म का वितरण हो चुका है। बीएसए की लापरवाही सामने आने पर नोटिस दी गई थी। 15 अक्तूबर तक यूनिफार्म का वितरण नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी।