छिबरामऊ। नगर के वार्ड बहबलपुर के लोग वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बुधवार को गांव की महिलाओं ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। गांव में 20 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। कुछ घरों में लगी निजी सबमर्सिबल के सहारे पूरे वार्ड की पेयजल व्यवस्था निर्भर हो गई है। सभासदों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया, परंतु अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला।
गांव के ही चंदन कठेरिया, नन्हीं देवी, सचिन, सुधीर, रामवीर, अयुब खान, मनीषा सैनी आदि ने प्रदर्शन करते हुए विरोध किया। कहा कि पिछले वर्ष 2020 में डेंगू की मार झेल चुके बहबलपुर वार्ड नंबर दो हर्ष नगर के बाशिंदे पानी की समस्या के साथ साथ गंदगी की भी समस्या से जूझ रहे हैं। करीब 150 परिवारों के बीच एक ही हैंडपंप है, जिस कारण घंटों लाइन में लगकर पानी मिल पा रहा है।
पानी भरने के दौरान कई बार आपस में मारपीट की नौबत भी आ जाती है। मोहल्ले अमित शाक्य ने बताया कि पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए कई बार लिखित रूप से अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 15 मई तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो तहसील परिसर में भूख हड़ताल करेंगे।
बोर्ड की बैठक में कई बार उठाई समस्या
नगर पालिका परिषद के सभासद जेपी जाटव व जितेंद्र शाक्य ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव दिया गया, लेकिन हमेशा ही बजट की समस्या बताकर दबा दिया गया। यहां पालिका का नलकूप न होने के कारण पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से हैंडपंपों पर निर्भर है। खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए, परंतु सभी प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं।
जल निगम की लाइन चालू होते ही होगा समाधान
अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र कुमार केसरवानी ने बताया कि वार्ड में लाइन बिछाई जा चुकी है, परंतु जल निगम ने उसे चालू नहीं किया है। जैसे ही लाइन चालू होगी पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। इस समय वाटर लेबिल डाउन हो जाने के चलते हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है। खराब हैंडपंपों की जो भी सूचना मिल रही है, उसमें सुधार करवाया जा रहा है।