कन्नौज। समूह की महिलाओं को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। एक तरफ महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से परिवार को मजबूत कर रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ ग्राम पंचायत व ग्राम सचिव के साथ मिलकर गांव में होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी करेंगी। किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर अधिकारियों को रिपोर्ट करेंगी।
इस नई व्यवस्था के तहत गांव में बनने वाले स्किल डेवलपमेंट सेंटर, सामुदायिक शेड और अन्य पंचायत स्तरीय निर्माण कार्यों की निगरानी का जिम्मा सीधे समूह की महिलाओं को दिया जाएगा। कार्यस्थल पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, काम की गति और पारदर्शिता की जांच यह महिलाएं खुद करेंगी। वह ग्राम सचिव और ग्राम पंचायत के समन्वय के साथ काम करेंगी पर उनकी निगरानी पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी। यदि किसी भी निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री का प्रयोग या किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो महिलाएं इसकी रिपोर्ट तैयार कर सीधे उच्च अधिकारियों को सौंपेंगी।
इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि विकास कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। उपायुक्त रोजगार स्वत: राजकुमार लोधी ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण विकास में पारदर्शिता आएगी और महिलाओं का सामाजिक व प्रशासनिक सशक्तिकरण होगा। गांव की महिलाएं जब खुद अपने क्षेत्र के विकास कार्यों का हिसाब रखेंगी, तो ग्राम पंचायतें अधिक जवाबदेह बनेंगी और योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई देगा।
सीएम युवा उद्यमी योजना में ट्रैक्टर के लिए मिल रहा ऋण
ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ी पहल
कन्नौज। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अब युवाओं को ट्रैक्टर और चक्की खरीदने के लिए भी ऋण दिया जा रहा है। इस योजना में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने ट्रैक्टर व आटा चक्की और अन्य उपकरणों की खरीद पर पांच लाख रुपये तक का ऋण देने की व्यवस्था की है।
उद्योग उपायुक्त प्रेमकांत ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। आवेदक ट्रैक्टर खरीदकर कृषि कार्य के साथ-साथ किराये पर चलाकर भी अपनी आय अर्जित कर सकता है। आटा चक्की, मसाला चक्की और अन्य छोटे उद्योगों के लिए भी उपकरण खरीदने पर लोन दिया जा रहा है। कहा कि इस पहल के तहत पात्र आवेदकों को पांच लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना के तहत लोन लेकर युवा न केवल अपने निजी कृषि कार्यों को सुगम बना सकते हैं, बल्कि ट्रैक्टर को किराये पर चलाकर भी नियमित आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अलावा, जो युवा छोटे स्तर पर प्रसंस्करण या निर्माण उद्योग शुरू करना चाहते हैं, वह आटा चक्की, मसाला पीसने की मशीन या अन्य आवश्यक उपकरण खरीदकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।