बच्चे को जन्म देने के बाद शरीर में खून की कमी से एक महिला की हालत बिगड़ गई। खून देने का नंबर आया तो परिजन व रिश्तेदार भाग गए। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी के प्रयास से पतंजलि योगपीठ के जिला प्रभारी अमित वर्मा जिला अस्पताल रक्तदान करने पहुंचे। तब कहीं महिला की जान बच सकी।
सीएमओ डा. पीएन बाजपेई ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के बक्सपुरवा गांव निवासी संगीता (25) पत्नी सुदामा को प्रसव के लिए 14 अप्रैल को विनोद दीक्षित सीएचसी स्थित महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खून की जांच के दौरान पता चला कि महिला के शरीर में रक्त की मात्रा बेहद कम है।
इस पर डाक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। परिजनों को ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा। जागरूकता के अभाव में रिश्तेदार व परिजन ब्लड देने के लिए तैयार नही हुए और अस्पताल से चुपचाप चले गए। 15 अप्रैल की रात में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई तो रक्तदाता की तलाश शुरू हुई।
शुक्रवार को डा. जितेंद्र कटियार की मदद से सफलता मिली और पतंजलि योग पीठ के जिला प्रभारी अमित वर्मा ने ब्लड डोनेट किया। सीएमओ ने बताया कि अब महिला की जान खतरे से बाहर है। शुक्रवार को यह मामला पूरे दिन अस्पताल परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।