कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी है। जल्द ही इन्हें 302 किलोमीटर के सफर में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक वाई-फाई शुरू होने में 15 से18 महीने का समय लग सकता है।
एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को एक और सहूलियत मिलने जा रही है। एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को यूपीडा मुफ्त में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराएगा। कई बार वाहन चालक मोबाइल फोन पर गूगल मैप ऑन कर सफर करते हैं। नेटवर्किंग की समस्या से यह रास्ता भटक जाते हैं। ऐसी परेशानियों को दूर करने के लिए यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) कवायद कर रही है। यूपीडा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को मुफ्त में वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराएगा। वाहन सवारों को मोबाइल पर वाई-फाई ऑन करना होगा।
मुख्य सुरक्षा अधिकारी रमेशचंद्र दुबे ने बताया कि यह सुविधा 302 किमी के पूरे सफर में मिलेगी। सफर में लोग ऑनलाइन जरूरी काम निपटाने के साथ ही इंटरनेट पर मनोरंजन का लुत्फ भी ले सकेंगे।
वाई-फाई की सुविधा एक निश्चित दायरे में आने पर शुरू होगी। इस दायरे में आने के बाद वाई-फाई कनेक्ट करने के लिए कोड की जरूरत नहीं पड़ेगी। आगरा से एक्सप्रेस वे पर वाई-फाई ऑन रहेगा। लखनऊ क्रास करते ही ऑफ हो जाएगा। यह सुविधा देने को एक्सप्रेसवे के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाया जा रहा है। इससे कि सफर के दौरान यह सुविधा अवरुद्ध न हो।
ऑनलाइन टोल पर्ची की सुविधा भी होगी शुरू
यूपीडा के एप के जरिए एंड्रायड फोन से टोल पर्ची भी प्राप्त की जा सकेगी। सफर और वाहन नंबर दर्ज करने के बाद टोल पर्ची की डिमांड की जाएगी। जरूरी रकम संबंधित के बैंक अकाउंट से कट जाएगी। पर्ची ऑनलाइन मोबाइल पर आ जाएगी। यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद्र दुबे ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सुविधाएं बढ़ाकर यूपीडा ने वाहन सवारों को फ्री वाई-फाई भी देने की योजना तैयार की है। इस पर तेजी से काम किया जा रहा है।
अभी नहीं है पेट्रोल पंप की सुविधा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अभी पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है। एक्सप्रेसवे पर नियमित यात्रा करने वालों का कहना है कि पेट्रोल पंप की सुविधा मिलने के बाद यह देश का सबसे बेहतरीन एक्सप्रेसवे होगा।
पहले भी सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम कर चुका है यूपीडा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर इससे पहले भी यूपीडा सुरक्षा के कई इंतजाम कर चुका है। एक्सप्रेसवे पर हवा से बातें करने वालों के लिए स्पीडोमीटर लगाया जा चुका है। निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने पर चालान कट कर घर पहुंच जाता है। तीन से अधिक बार पकड़े जाने पर डीएल निरस्त किया जाएगा। प्रत्येक पचास किमी पर वाहन की गति पर नजर रखी जा रही है। मानक से ज्यादा गति पर गाड़ी को रोक लिया जाता है। इंटरसेप्टर (गति मापक) कै मरे लगवाए जा चुके हैं। 30 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इमरजेंसी में कंट्रोल सेंटर से संपर्क करने के लिए प्रत्येक दो किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी लगाए गए हैं। रास्ते में कोई भी अनहोनी होने पर यात्री कंट्रोल सेंटर को फोन कर तुरंत मदद मांग सकते हैं। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ एक-एक होटल की सुविधा दी गई है। इसी सप्ताह भार मापक यंत्र लगाए गए हैं। यह ओवरलोड वाहन के प्रवेश करते ही वजन बता देंगे। ओवरलोड वाहन को सफर करने की अनुमति नहीं होगी।