फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: पानी छोड़ने पर रजबहा में कटान, 100 बीघे फसल डूबी

विज्ञापन
विज्ञापन
इंदरगढ़। सिंचाई विभाग की लापरवाही और जल प्रबंधन की कमी के कारण किसानों पर प्रकृति के साथ-साथ प्रशासनिक मार भी पड़ी है। बुधवार को रजबहा में अचानक पानी छोड़ने के बाद अत्यधिक दबाव के कारण तटबंध टूट गया। रजबहे में भीषण कटान की वजह से आसपास के खेतों में तेजी से पानी भर गया। इससे किसानों की 100 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है।
विज्ञापन


इंदरगढ़ क्षेत्र के सपाह–मनसुखपुर्वा रजबहा में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण कटान ने विकराल रूप ले गया। कटान के बाद रजबहे का पानी बेकाबू होकर आसपास के खेतों में फैल गया जिससे गेहूं जलमग्न हो गया। खेतों में कई फीट तक पानी भर गया जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है। कटान की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। रजबहा से निकला पानी मनसुखपुर्वा गांव की ओर बढ़ने लगा। कई किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए स्वयं नालियां काटकर पानी निकालने का प्रयास किया पर पानी का तेज बहाव होने के कारण उनके प्रयास नाकाम साबित हुए।
मनसुखपुर्वा गांव निवासी आलोक, मनोज, भैरव, भूरा, नंद किशोर, राम अवतार आदि किसानों की रजबहे के पास मौजूद 100 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने नहर विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रजबहे की सफाई के बाद पानी छोड़ने के दौरान निरीक्षण नहीं किया जाता है। पहले की अपेक्षा रजबहा कमजोर होता जा रहा है। इस कारण अक्सर कटान हो रहा हैं। किसानों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने, कटान को तत्काल बंद कराने और फसल क्षति का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह का कहना है कि रजबहा में पानी छोड़ा गया था पर कई जगह कटान होने से खेतों में पानी भर गया है। ऐसी स्थिति में पानी को बंद करा दिया गया है। पटरी दुरुस्त होने के बाद ही उसमें पानी छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें