कन्नौज। कड़ाके की गलन और ठिठुरन से बेहाल लोगों को शनिवार को दिन में खिली धूप ज्यादा देर तक राहत नहीं दे सकी। दोपहर तीन बजे धूप चली गई। इससे सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी। शनिवार को अधिकतम तापमान 20.8 और न्यूनतम 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के बीच उत्तर-पश्चिमी हवाएं सर्दी और कोहरे का प्रकोप बढ़ा रही हैं। शनिवार सुबह खूब गलन रही। दिन में धूप खिलने से राहत रही। दोपहर बाद सर्द हवाएं चलने लगीं। शाम ढलते-ढलते गलन और ठिठुरन ने कंपकंपी छुड़ानी शुरू कर दी। रात होने के साथ शीतलहर और तेज हो गई।
शीतलहर से बचाव के लिए सड़कों-चौराहों पर यात्री और राहगीर अलाव का सहारा लेते दिखे। शीतलहर से बच्चों और बुजुर्गों को खासी परेशानी हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र यादव ने बताया कि शीतलहर से फि लहाल निजात मिलती नहीं दिख रही है।पहाड़ों पर बर्फ बारी और सर्द हवाओं का सिलसिला लगातार जारी है।
सर्दी से बच्चों में बढ़ा निमोनिया का खतरा
कन्नौज। गलन भरी सर्दी से पांच वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। जरा सी चूक होने पर बच्चों के फेफड़ों में सूजन, बुखार, सांस लेने में परेशानी पैदा हो सकती है। तापमान में तेजी से गिरावट से सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश यादव ने बताया कि यह मौसम बच्चों के लिए खतरनाक होता है। इस मौसम में ठंड से छोटे बच्चों में निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में परिजनों को बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है।
निमोनिया से बचने के उपाय
डॉ. सुरेश यादव ने बताया कि निमोनिया से बचने के लिए नवजात को सही समय पर टीके लगने जरूरी होते हैं। खसरा से बचाव ज्यादा जरूरी होता है। इसके अलावा ठंड के मौसम में नवजातों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे जरूरी है कि बच्चों का सर्दी से बचाव किया जाए।
निमोनिया के लक्षण
चिकित्सक ों के मुताबिक सांस लेने में घरघराहट, सांस का तेज गति से चलना और सर्दी, खांसी व बुखार होना निमोनिया के लक्षण हैं। ऐसे बच्चे को तुरंत बालरोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।