कन्नौज। जिले में बुधवार रात झमाझम बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया लेकिन इसके साथ ही लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। कई कस्बों और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति भी बार-बार बाधित होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही।
बारिश के दौरान और उसके बाद कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली गुल रही। उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के बावजूद बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बाजारों में भी पानी भरने से दुकानदारों और ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को जलमग्न सड़कों से गुजरना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई।
कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के अनुसार जिले में गुरसहायगंज में सर्वाधिक 39.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। समधन में 36.8 मिमी, कन्नौज और मानीमऊ में 28.6-28.6 मिमी, तिर्वा में 28.3 मिमी, छिबरामऊ में 27.7 मिमी, तालग्राम में 22.7 मिमी तथा सौरिख में 12.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।किसानों ने इस बारिश को धान अन्य फसलों के लिए लाभदायक बताया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. वीके कनौजिया का कहना है कि मानसून के कारण मध्य उत्तर भारत में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके कारण भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश के दौरान बिजली गिर सकती है, इसलिए बाहर निकलने से बचें और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधें।
फोटो :38: सहकारी समिति परिसर में भरा पानी।संवाद
साधन सहकारी समिति में जलभराव
जसोदा। मूसलाधार बारिश के बाद जसोदा साधन सहकारी समिति परिसर में जलभराव हो गया, जिससे खाद लेने पहुंचे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति के आसपास पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी जमा हो गया। ग्रामीणों के अनुसार जसोदा-कुसुमखोर मार्ग पर समिति के निकट नाली निर्माण न होने के कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। जलभराव की स्थिति केवल समिति तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास की कई दुकानों में भी पानी घुस गया है। किसानों और व्यापारियों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
फोटो :39: सड़क पर जलभराव।संवाद
पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जलभराव, आवागमन में दिक्कत
तालग्राम। लगातार हो रही बारिश के कारण तिर्वा-कुशलपुरवा मार्ग पर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जलभराव हो गया है। सड़क पर पानी भरने और कीचड़ फैलने से छात्र-छात्राओं व राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। छात्र पानी से होकर कॉलेज पहुंचने को मजबूर हैं।
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फोटो :40: सड़क पर बारिश का भरा पानी। संवाद
गड्ढों से हादसे का खतरा
विशुनगढ़। रामनगर मार्ग स्थित किला नगरिया मोड़ पर सड़क के बीचोंबीच जलभराव और दोनों ओर बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।लाइनमैन पिंटू यादव ने बताया कि 33 केवी लाइन में फाल्ट आने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
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बिजली व्यवस्था चरमराई, कई फीडर घंटों रहे ठप
गुरसहायगंज। क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। गुरसहायगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई फीडरों में फाल्ट आने से रातभर आपूर्ति बाधित रही, जिससे उपभोक्ताओं को उमस और गर्मी के बीच परेशानी झेलनी पड़ी। बिशम्भरपुर फीडर पर रात 10 बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई थी, लेकिन बारिश के दौरान फाल्ट आने से रात 11:30 बजे आपूर्ति फिर बंद हो गई। मरम्मत के बाद सुबह 7:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। गांधीनगर फीडर भी रात 11:30 बजे ब्रेकडाउन हो गया, जिसे सुबह 6:25 बजे चालू किया जा सका। कोल्ड फीडर रात 11:15 बजे बंद होने के बाद सुबह 10:20 बजे चालू हुआ।