कासिमपुर के संपर्क मार्ग पर फिर चढ़ने लगा गंगा का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
गंगा का जलस्तर सोमवार को चेतावनी बिंदु 124.970 मी से ऊपर 124.990 मी जा पहुंचा गया। इससे कटरी के कासिमपुर जाने वाले मार्ग पर गंगा का पानी चढ़ने लगा है। इधर, जलस्तर के रोज बढ़ने-घटने के चलते ग्रामीण व प्रशासन भी ऊहापोह की स्थिति में बना हुआ है। बता दें कि गत चार दिनों से जलस्तर में तेजी के साथ गिरावट आ रही थी, लेकिन सोमवार सुबह जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर 124.990 मीटर दर्ज किया गया।
केंद्रीय जल आयोग प्रभारी शिवनाथ सिंह यादव की मानें तो आसपास जिलों में हो रही बारिश के चलते जलस्तर में गिरावट व बढ़ोतरी हो रही है। गत करीब डेढ़ माह से बाढ़ के चलते कटरी क्षेत्र के कई गांव कटरी गंगपुर, कटरी कासिमपुर, कटरी फिरोजपुर, महावलीपुर , कटरी अमीनाबाद, कटरी डूंगरपुर, जलालपुर अमरा, तेरारागी, चौधरियापुर कछोहा,दरियापुर, गुगरापुर बांगर, वलिदादपुर, कपूरपुर, सढ़ियापुर, मिश्रीपुर, कन्नौज कछोहा, दरियापुर चदई, सलेमपुर रमई के कई ग्रामीणों की सीजनी फसलें डूब कर तबाह हो चुकी हैं।
ऐसे में ग्रामीणों के सामने भी खाने को लेकर संकट पैदा हो रहा है। रविवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 124.970 मी से भी नीचे 124.870 मी पर बह रहा था, देर रात तक जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर जा सकता है। वहीं अब दूसरी ओर ग्रामीणों के खेतों व गांव के मुख्य मार्गो पर पानी फिर से चढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हाेंने पानी निाकलने के प्रयास भी बंद कर दिए है। उनका कहना है कि वे चार दिनों में जितना पानी निकाल पाते है, उतना एक रात के बढ़ते जलस्तर से फि र हो जाता है।