अखिलेश सरकार ने वित्त विहीन टीचरों को अपने पाले में खींचने के लिए प्रोत्साहन मानदेय का लाभ देकर तोहफा दिया है। जिले के 196 वित्तविहीन विद्यालयों के सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक व प्रधानाचार्यों को यह लाभ मिल सकेगा। शासन से कन्नौज के लिए एक करोड़ से अधिक की धनराशि रिलीज हुई है। विभाग को शासन की गाइड लाइन व मानक का इंतजार है।
विदित हो जिले में सक्रिय माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा व माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ पिछले साढ़े चार वर्षों से टीचरों को मानदेय दिए जाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में मानदेय दिए जाने का वायदा किया था। अखिलेश सरकार ने वित्त विहीन टीचरों को मानदेय का तोहफा दिया है। हालांकि संगठन इस मानदेय से काफी खुश नहीं हैं, लेकिन उनका कहना कि शुरुआत हो गई है तो आगे बड़ा लाभ मिलने के रास्ते खुल गए हैं।
डीआईओएस विभाग के मुताबिक प्रमुख सचिव ने निर्देश प्रदान किए हैं कि अंशकालिक शिक्षकों की पात्रता के निर्धारण के लिए संस्था के प्रबंधक व अंशकालिक प्रधानाचार्य/अंशकालिक प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से शपथ पत्र देना होगा। प्रोत्साहन मानदेय की धनराशि का भुगतान 6-6 माह सितंबर व मार्च में किया जाएगा।
वित्तविहीन टीचरों के भुगतान के लिए शासन से 10442520 रुपये मिले हैं। वित्तविहीन अंशकालिक सहायक अध्यापकों को 9790, अंशकालिक प्रवक्ताओं को 10890, प्रधानाचार्य 13090, प्रधानाध्यापक 11990 रुपये पूरे वर्ष में मिलेंगे।