संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। शहर की सीमा से सटे सदिकापुर गांव में गंदे नाली का पानी रोकने के लिए ग्रामीण अब खुद ही प्रयास करने लगे हैं। शासन-प्रशासन की उपेक्षा का दंश झेल रहा यह गांव बदहाली पर आंसू बहा रहा है। हालातों से परेशान ग्रामीणों ने शहर के गंदे नाले का पानी गांव में आने से रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी भरकर तटबंध बना रहे हैं। हालांकि उनका यह प्रयास भी व्यर्थ जा रहा है। पानी का तेज बहाव होने से गांव की गलियों तक में पानी भर रहा है।
शहर से सटे गांव सदिकापुर में 20 वर्षो से शेखाना नाले का गंदा पानी 250 बीघा खेती की भूमि में भरा है। खेत में फसल की जगह जलकुंभी की बेल पसरी हुई है। पिछले कुछ माह से पानी खेतों से होते हुए गांव के अंदर आ गया है। गलियों से लेकर प्राइमरी स्कूल के सामने नाले का पानी भरा है। गांव के बचे खेतों में आलू व गेहूं की फसल लहलहा रही है। नाले का गंदा पानी बचे हुए खेतों में न घुस जाए। इसके लिए ग्रामीण खेतोंं को बचाने के लिए मिट्टी भरी बोरियां रखकर बांध बना रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने खेत के चारों को खोदाई करवाकर निकली मिट्टी से ऊंची-ऊंची मेड़ बना दी है। गांव के मदनपाल, किशोर दोहरे का कहना कि 20 बीघा से अधिक खेत में गंदा पानी भरा है। पांच बीघा खेत बचा है उसमें आलू व गेहूं की फसल है। इसी से पूर वर्ष का परिवार को राशन मिल जाता है। अब गंदा पानी आ गया तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। इस मामले में जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी कई बार गांव आकर पानी निकासी व नाला बनवाने का भरोसा दे चुके है।