मेहंदीघाट कन्नौज से गंगा स्नान कर सोमवार को बाइक से लौटते समय चाचा-भतीजे को सुबह छह बजे के करीब तिर्वा तहसील के निकट स्थित तिर्वा कोल्ड स्टोरेज के सामने अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इससे विनोद कुमार राजपूत (40) ने मौके पर दम तोड़ दिया जबकि उनका भतीजा भगवानदास (25) गंभीर रूप से घायल हो गया। मेडिकल कालेज में प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिए रिफर कर दिया गया।
कानपुर जाते समय मानीमऊ के निकट उसने भी दम तोड़ दिया। एक साथ दो मौतों पर सैकड़ों लोग मेडिकल कालेज पहुंचे। उत्तेजित ग्रामीणों ने शव को मेडिकल कालेज गेट के सामने रखकर तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर जाम लगा दिया। परिजन दस-दस लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे थे।
करीब दो घंटे तक लगे जाम के बाद तालग्राम के पूर्व ब्लाक प्रमुख सोनू यादव व एसडीएम उदयवीर सिंह के समझाने के बाद भीड़ मान गई। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। कोतवाली में तालग्राम थाना क्षेत्र के चचियापुर गांव निवासी भाई राजेंद्र प्रसाद राजपूत पुत्र कढ़ोरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उधर से जा रहे सीओ तिर्वा सुरेंद्रपाल सिंह ने दोनों को गिरे देखा तो एंबुलेंस बुलवाकर मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया। करीब एक घंटे तक भगवानदास के प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर उनको कानपुर रिफर कर दिया गया। उसकी भी रास्ते में मौत हो गई। जीप चालक भगवानदास के शव को लेकर मेडिकल कालेज पहुंचा। सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी राघवन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
इसी दौरान चचियापुर गांव के लोग ट्रैक्टरों पर सवार होकर मेडिकल कालेज पहुंचे। उत्तेजित ग्रामीणों ने भगवानदास के शव को पुलिस से छीनकर मेडिकल कालेज के गेट के बाहर सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसडीएम उदयवीर सिंह के अलावा कई थानों की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया पर भीड़ दस-दस लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रही थी। करीब दो घंटे तक रोड जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
इस दौरान कुछ दुपहिया वाहन चालकों ने साइड से निकलने का प्रयास किया तो उत्तेजित महिलाओं व युवकों ने उनको खदेड़ दिया। सूचना पाकर तालग्राम के पूर्व ब्लाक प्रमुख सोनू यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि किसान बीमा दुर्घटना योजना के तहत दोनों परिवारों को लाभ दिलाया जाएगा। अतिरिक्त सहायता के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए।