कन्नौज। कभी तेज बारिश तो कभी बूंदाबांदी के साथ उमस के चलते त्वचा रोगी बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा पीड़ित बच्चे हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में पीड़ित पहुंच रहे हैं।
इन दिनों बच्चों में खुजली, दाद के साथ आंखों में जलन और कान में फुंसी निकलने की बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 50 से 60 बच्चे इन बीमारियों से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी बच्चे त्वचा रोग से परेशान होकर पहुंच रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ और बाल रोग चिकित्सक परीक्षण के साथ उपचार व परामर्श दे रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि बारिश और उमस के चलते बड़ी संख्या में बच्चे त्वचा रोग से पीड़ित होकर आ रहे हैं। इन्हें उपचार दिया जा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति वसु ने बताया कि बारिश में त्वचा रोगी बढ़ जाते हैं। बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खुजली और शरीर में दाने होते ही चिकित्सक से परामर्श लें। इससे कि समय रहते त्वचा की बीमारी से निजात मिल सके।
त्वचा रोग के ये हैं लक्षण
- लाल रंग के चकत्ते होना।
- स्किन में लाल या बैंगनी रंग के धब्बे पड़ना।
- स्किन पर सफेद पाउडर की तरह पदार्थ का निकलना।
- स्किन में पपड़ी जमना व खाल उतरना।
- त्वचा रोग प्रभावित हिस्से में दर्द होना।
- स्किन में दरारें होना।
- स्किन का कुछ हिस्सा सफेद व नरम हो जाना।
- प्रभावित क्षेत्रों में मवाद के साथ लाल दाने पड़ना।
ऐसे करें बचाव
- पैरों व हाथों को साफ रखें।
- शौचालय, फर्श और सार्वजनिक स्थानों पर पर नंगे पैर जाने से बचें।
- चेहरे को नियमित रूप से धोएं। इसके साथ ही स्किन को सूखा और साफ रखें।
- बरसात के मौसम में साफ व कॉटन के कपड़े पहनें।
- नाखूनों को छोटा रखें।
- गीले कपड़े न पहनें, जलभराव से दूर रहें।