अस्पताल के सामने स्थित निजी केंद्र में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़।
- फोटो : अस्पताल के सामने स्थित निजी केंद्र में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़।
महोबा। जिला महिला अस्पताल की खराब पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन पांच दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी। इससे शनिवार को अस्पताल आई गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्र में 600 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। इससे मरीजों व तीमारदारों ने नाराजगी दिखी। मरीजों ने आरोप लगाए कि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लाभ पहुंचाने के लिए मशीन को सही कराने में देरी की जा रही है।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचती हैं। पांच दिन पहले अल्ट्रासाउंड मशीन की आईसी खराब हो गई थी। जिसके बाद उसे सही कराने के लिए संबंधित कंपनी को लिखा गया था लेकिन पांच दिन बाद भी मशीन दुरुस्त न होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। कई दिन से अल्ट्रासाउंड के लिए भटक रहीं महिलाएं शनिवार को एक बार फिर महिला अस्पताल पहुंचीं लेकिन अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका होने से वह मायूस हो गईं। मजबूरी में निजी केंद्रों में जांच कराकर इलाज कराया।
मरीज प्रेमकुंवर, नीलम, पूजा, देवीदीन आदि ने बताया कि अस्पताल के अंदर कुछ लोग मौजूद रहते हैं। यदि, डॉक्टर अल्ट्रासाउंड लिखता है तो वह संबंधित निजी केंद्र में उन्हें ले जाकर जांच कराते हैं। इससे कमीशनबाजी का खेल उजागर हो रहा है। पांच दिन बाद भी मशीन को दुरुस्त नहीं कराया गया। इसके पीछे निजी केंद्रों को लाभ पहुंचाना है जबकि निजी केंद्रों की मशीन खराब होने पर उसे 24 घंटे के अंदर दुरुस्त करा लिया जाता है। उधर, सीएमएस डॉ. आरके चौरिहा का कहना है कि अल्ट्रासाउंड मशीन दुरुस्त हो गई है। सोमवार से मरीजों को जांच का लाभ मिलने लगेगा।