जलालाबाद विकास खंड में पूरे दिन आचार संहिता की
धज्जियां उड़ती रहीं। अफसरों के दावों की हवा निकलती दिखाई दी। ट्रैक्टरों
से वोटर ढोए गए। वहीं दो लोगों ने एक साथ वोट डालकर मनमानी की। इससे
गोपनीयता भंग हो गई। वहीं मतपेटी छोड़कर कर्मचारी इधर-उधर गपशप करते नजर
आए।
पूर्व माध्यमिक स्कूल जसोदा में दोपहर
12 बजे मतदान के सभी बूथों को डीएम अनुज झा व एसपी कलानिधि नैथानी ने
निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वोट डालकर लौट रहे वोटरों की अंगुलियों
की स्याही को चेक किया। कुछ वोटरों ने वोट डालने के फौरन स्याही मिटाने का
प्रयास किया तो उनको फटकार लगाई।
बूथ संख्या चार पर पानी की बोतल सामने रखी
होने पर पीठासीन अधिकारी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बूथ संख्या चार पर
मतदाता न होने के कारण अफसरों ने वहां मौजूद एजेंटों को वोटिंग तेज गति
कराने का निर्देश दिया, ताकि जमघट जैसी नौबत न पैदा हो। इसके अलावा मतदान
केंद्र के बाहर जमा भीड़ को पुलिस ने लाठियां पटककर भगाया।
उधर, एडीएम व
एएसपी ने जलालाबाद मतदान केंद्र के निरीक्षण के दौरान एजेंट पप्पू राठौर
के पास मोबाइल मिलने पर उसे जब्त कर लिया। साथ ही सभी को हिदायत दी कि कोई
भी अपने पास मोबाइल नहीं रखेगा। वहीं मतदान केंद्र जसोदा में मतदान खत्म
होने पर गेट को बंद कर रहे सिपाही हरवरन सिंह को दौड़ा पड़ गया, जिससे वह
वहीं पर गिर गए, जिससे अफरातफरी मच गई।
बाद में उसको जिला अस्पताल भेजा
गया। उधर, गुरसहायगंज में कई मतदान केंद्रों पर फर्जी वोट डालने के विवादों
पर आधा दर्जन से ज्यादा वोटरों को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली में
बैठा लिया। देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
भवानीपुर मतदान
केंद्र से डीएम के साथ चल रहे पुलिस कर्मियों ने अनूप सिंह व सगरा निवासी
लाल सिंह को हिरासत में ले लिया। यह लोग बूथ पर बेवजह भीड़ लगाए थे।
गांव पछायेपुर्वा के एजेंट प्रदीप ने जब विरोध किया तो विवाद होने लगा। इस
दौरान फर्जी वोट डालने वाला भाग गया, पर पुलिस ने एजेंट को हिरासत में ले
लिया।
वहीं इसी मतदान केंद्र पर शिशुपाल व भगत सिंह, नेकपुर के संजेश कुमार
व खुदलापुर के संजीव कुमार को भी हिरासत में लिया गया। बाद में सभी को
छोड़ा गया।