लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड की प्रयोगशाला परिसर में तारकोल से भरे गड्ढे में शुक्रवार दोपहर दो गाय गिरकर फंस गई। आसपास के ग्रामीणों ने मामले की सूचना एसडीएम, कोतवाल और दमकल विभाग को दी। सूचना पाकर पूरा तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा। करीब एक सैकड़ा ग्रामीणों की मदद से एक घंटे तक गायों को निकालने का प्रयास चला। असफल रहने पर एसडीएम ने जेसीबी मशीन मंगवाई। मशीन के जरिए दोनों गायों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
बहादुरपुर गांव स्थित प्रयोगशाला के पास आसपास के किसानों के खेत हैं। इन खेतों में बहादुरपुर गांव के दो किसानों की गायें चर रही थी। दोपहर तेज धूप के कारण तारकोल भरे गड्ढों को पानी के गड्ढे समझकर उसमें घुस आई। घुसते ही उसमें डूबने लगी। यह देख आसपास के खेतों में काम कर रहे दर्जनों किसान दौड़े।
रस्सियों की मदद से उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया पर उन्हें सफलता नहीं मिली। इस पर अफसरों को सूचित किया गया। सूचना पाते ही फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। हौज पाइप के जरिए गड्ढों में पानी भरा गया, जिससे तारकोल कुछ लूज हुआ। कुछ साहसी ग्रामीणों ने गड्ढो में घुसकर गायों को रस्सी बांधी फिर उन्हें खींचने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली। बाद में जेसीबी आने पर उसकी मदद से दोनों गायों को बाहर निकाला जा सका।
पीडब्लूडी अफसरों को कोसते रहे ग्रामीण
लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने गड्ढों में तारकोल तो भर दिया, पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। गड्ढों के आसपास न तो बैरीकेटिंग कराई गई, और न ही कटीले तार आदि लगाकर इन्हें सुरक्षित किया गया। विभाग की इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों की भीड़ काफी आक्रोशित थी। ग्रामीणों का कहना था कि कभी भी कोई छोटा बच्चा भी गड्ढों में गिर सकता है। ग्रामीणों के इस आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ने गड्ढों को सुरक्षित किए जाने के लिए निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता को पत्र भी लिखा है।