कन्नौज। दुकानदार की गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश हरेंद्र नाथ ने दो भाइयों को दोषी करार देकर 10 वर्ष की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।
कोतवाली छिबरामऊ के मोहल्ला इब्राहिमगंज लकड़ी मंडी निवासी अवनीश कुमार शर्मा ने मोहल्ले के रमेश, उनके पुत्र अनिल, अमित, श्रीनिवास, उनके पुत्र विकास, रामकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि पिता सुरेश शर्मा की रमेश व श्रीनिवास से व्यवसायिक रंजिश थी। छह दिसंबर 2012 को मोहल्ले के विष्णु कुमार की शादी में कानपुर गए थे। आठ दिसंबर 2012 को बरात से लौटते समय पिता सुरेश से रमेश का विवाद हो गया। रमेश, पिंटू, छुट्टे ने पिता से मारपीट की। इस दौरान लोगों ने बीचबचाव करके मामले को रफादफा कर दिया था। उसी रात को रमेश, श्रीनिवास, अमित, अनिल, विकास, रामकुमार लाइसेंसी बंदूक रॉड, सरिया लेकर घर में घुस आए और गाली गलौज कर पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इलाज के दौरान पिता सुरेश की मौत हो गई। विवेचक ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रमेश की मौत हो गई। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश हरेंद्रनाथ ने गैरइरातन हत्या में गवाह व साक्ष्य के आधार पर सगे भाई अनिल, अमित को दोषी करार देकर 10 वर्ष की सजा सुनाई। दोषियों को 29 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड न देने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में श्रीनिवास, उनके पुत्र विकास, रामकुमार को दोषमुक्त कर दिया गया।