कन्नौज। डीएम की चौखट पर एक ग्रामीण ने पेट्रोल डालकर आत्म हत्या का प्रयास किया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कलक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। किसी तरह उसके पेट्रोल से भीगे कपड़े उतारे गए। उसके बाद पुलिस जीप में बिठाकर उसे कोतवाली ले आई। देर शाम उसके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
ब्लॉक उमर्दा क्षेत्र व थाना ठठिया कस्बा निवासी अजय कनौजिया ने बताया कि उसने मार्च में सहकारी समिति का चुनाव लड़ा था। भाजपा के लोगों ने उसके समर्थकों के वोट नहीं डालने दिए। चुनाव में गुंडागर्दी की। शिकायत के बाद सुनवाई भी नहीं हुई। इसी को लेकर पेट्रोल डालकर उसने जान देने का प्रयास किया। माचिस जलाने के समय पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में उसे डीएम शुभ्रांत शुक्ल के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने पूरी बात सुनी। उसके बाद कोतवाली प्रभारी राजकुमार दलबल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। अनिल को कोतवाली सदर लाया गया। यहां पूछताछ भी हुई। सदर कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि जरूरी जानकारी जुटाने के बाद उसके खिलाफ शांतिभंग के तहत कार्रवाई की गई। उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
10 दिन पहले झोले से बरामद हुआ था पेट्रोल व रस्सी कलक्ट्रेट में इससे पहले भी पेट्रोल लेकर एक ग्रामीण पहुंचा था। उसे पकड़ लिया गया था। वह भी आत्महत्या करने की बात कह रहा था। 10 अप्रैल को थाना क्षेत्र सौरिख के राजापुर निवासी दीपक कुमार ने भी कलक्ट्रेट परिसर में एक झोले में पेट्रोल से भरी बोतल व रस्सी लेकर पहुंच थे। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने यह सामग्री बरामद कर दी थी। दीपक का कहना था कि उस पर फर्जी दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई है। अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वह निर्दोष निकलेगा। कोई भी उसकी मदद नहीं कर रहा है, जिस वजह से उसने आत्महत्या करने की सोची है।
सुन नहीं रहे अफसर, परेशान फरियादी
पीड़ितों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है, जिस वजह से वह ऐसा कदम उठाते हैं। दो महीने पहले तहसील सदर परिसर में पीपल के पेड़ में भी एक पीड़ित ने रस्सी का फंदा बनाकर जान देने का प्रयास किया था। उसकी समस्या थी कि जमीन की पैमाइश सही से नहीं हो रही है। लोग जमीन पर काजिब हैं और उस पर ही उल्टा कार्रवाई की जा रही है।