कानपुर-कासगंज रेलवे मार्ग पर अफसरों की लापरवाही के चलते एक बार फिर चटकी पटरी से पूरी रात चार पैसेंजर और पांच मालगाड़ी ट्रेनें गुजर गईं। शुक्र था कि कोई हादसा नहीं हुआ। सुबह होते ही अफसरों ने गैंग मैन के साथ मौके पर पहुंच कर ट्रैक दुरुस्त किया। रेलवे अफसरों ने ट्रैक की मरम्मत करने वाली मशीनों से ज्वाइंट के बीच का मसाला खिसकने की बात कही है।
गुरुवार रात कानपुर-कासगंज रेलवे मार्ग पर जिला मुख्यालय के समीप जलालपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी चटक गई। रात के अंधेरे में चटकी पटरी से फर्रुखाबाद-कानपुर पैसेंजर और कानपुर-फर्रुखबाद पैसेंजर समेत साप्ताहिक आगर कैंट-कोलकाता एक्सप्रेस, छपरा-मथुरा एक्सप्रेस समेत करीब पांच मालगाड़ियां गुजर गईं। इससे रेलवे ट्रैक पर बड़ा हादसा होने से बचा। सुबह गश्त कर रहे ट्रैक मैन ने चटकी पटरी की जानकारी कंट्रोल रूम को दी।
इससे गैंग मैन के साथ मौके पर पहुंचे सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके भटनागर ने गैंग मैन लगाकर चटकी पटरी की मरम्मत कराई। इसके बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके भटनागर ने बताया कि रेलवे ट्रैक को ठीक करने के लिए कंपेटियिन मशीन और ब्लास्टर क्लीनिंग मशीनों के साथ डमेटिक पैकिंग मशीन चल रही हैं। जिनकी मदद से ट्रैक की खामियों को दूर किया जा रहा है। मशीनों के गुजरने से ज्वाइंट का मसाला हट गया था। जिसे ठीक कर दिया गया है।