ट्रैक की मरम्मत में जुटे कर्मचारी।
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चटकी पटरी से रात भर ट्रेने गुजरती रहीं और विभाग को जानकारी ही नहीं हुई। गुरुवार की सुबह किसी तरह सूचना भी मिली तो उस पर भी लापरवाही करते हुए एक बजे के बाद पटरी बदलने का काम शुरु किया गया। इस दौरान कोई गाड़ी देरी से नहीं गुजरी। हालांकि काम शुरु होने के बाद दोपहर तीन बजे के बाद गाड़ियों को कॉसन लगाकर गुजारा गया।
तिर्वा क्रासिंग 93-सी पर बुधवार को किसी तरह पटरी में दरार आ गई। रातभर ट्रेन पटरी से गुजरती रही। गुरुवार सुबह रेलवे के पीडब्लूआई को जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई न करते हुए दोपहर एक बजे के बाद पटरी बदलने का काम शुरु किया। सूत्रों की माने तो इतने समय में मालगाड़ियों की संख्या लगाकर करीब 30 गाड़ियां ट्रैक से गुजर गई।
क्रैक हल्का होने से हादसा टल गया। गुरुवार को पीडब्लूआई ने करीब 20 कर्मचारियों व इंजीनियरों को लगाकर अपनी देखरेख में मशीनों की सहायता से पटरी बदलवा दी। इस समय तक लखनऊ जयपुर 19715, उत्सर्ग एक्सप्रेस 18192, 18191, कालिंद्री एक्सप्रेस 14723, 14724, गोरखपुर एक्सप्रेस 02537, कासगंज लखनऊ पैसेंजर, 55326 कासगंज-लखनऊ, 54158, 55328 फर्रुखाबाद कासगंज पैसेंजर, 22532 सुपर फास्ट एक्सप्रेस डाउन में और इतनी ही अप में गुजर गई। इसके साथ ही कई मालगाड़ियां भी इस दौरान क्रास होती रही।
इस मामले में पीडब्लूआई विजय गंगवार का कहना है कि पटरी में किसी तरह की दरार नहीं आई थी। जिससे गाड़ियों का आवागमन रोका जाए। पटरी के सपोर्टर में हल्का क्रैक था। जानकारी होने पर उसे तत्काल बदलवा दिया गया।