गुरसहायगंज। किशोरी की तबीयत बिगड़ने पर परिजनाें ने गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराया। हालत में सुधार न होने पर दूसरे दिन परिजन उसे कानपुर ले गए। वहां पर शुक्रवार सुबह किशोरी की मौत होने पर परिजनों ने झोलाछाप की क्लीनिक पर हंगामा करते हुए गलत इलाज का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र की चौकी सरायप्रयाग निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उनकी पुत्री रुचि की तबीयत खराब होने पर आठ मई को गांव स्थित गल्ला मंडी के पास एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया था। शाम को चिकित्सक ने उसे घर भेज दिया। आरोप है कि अगले दिन भोर में रुचि की तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद उसे दोबारा उसी क्लीनिक ले गए।
परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने समुचित परीक्षण व इलाज नहीं किया। हालत लगातार गंभीर होने पर परिजन किशोरी को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा ले गए। वहां पर प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। पिता ने स्थानीय चिकित्सक पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल अजय अवस्थी ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।