छिबरामऊ। हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर वकीलों के साथ हुई मारपीट की घटना से अधिवक्ताओं में गहरा रोष है। इस घटना के विरोध में राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच (युवा प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ जीतू के नेतृत्व में वकीलों ने शनिवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार अवनीश कुमार सिंह को सौंपा। अपनी मांगों में वकीलों ने जनपद और आसपास के सभी टोल प्लाजा पर वकीलों के लिए आवागमन को निशुल्क करने की मांग की है।
वकीलों ने आरोप लगाया कि हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा उनके साथियों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई। इस घटना की उन्होंने निंदा की और कहा कि वकील भी कानून का अभिन्न अंग हैं और न्यायिक कार्यों के निर्वहन के लिए उन्हें नियमित रूप से यात्रा करनी पड़ती है। वकीलों ने तर्क दिया कि जिस प्रकार पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां अपने शासकीय कर्तव्यों के पालन के दौरान टोल शुल्क से मुक्त होती हैं। ठीक उसी प्रकार वकीलों को भी न्यायिक कार्यों के लिए यात्रा करते समय टोल टैक्स से छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनसे टोल वसूला जाना तर्कसंगत नहीं है।
वकीलों का कहना है कि कन्नौज जिला मुख्यालय के तहत छिबरामऊ में आउटलाइन न्यायालय स्थित है, जिस कारण उन्हें कन्नौज से छिबरामऊ तक आवागमन रहता है। इस दौरान उन्हें टोल प्लाजा पर नियमित रूप से टोल टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनहित और अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जनपद के साथ-साथ आसपास के सभी टोल प्लाजा पर वकीलों के लिए आवागमन पूरी तरह निशुल्क किया जाए। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के अवसर पर संजीव हजेला, चित्रांश राय सक्सेना, प्रणव सक्सेना, आफताब अहमद, सुधीर सक्सेना, रजनीश यादव, कौशल यादव, विवेक राजपूत आदि मौजूद रहे।