कन्नौज। रेलवे ने पांच अगस्त से कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन के रूट और समय में बदलाव कर दिया है। ट्रेन अब प्रयागराज तक यात्रियों को लेकर जाती है। समय में बदलाव होने के बाद कन्नौज से कानपुर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी काफी कमी आई है। इससे टिकट बिक्री पर असर पड़ा है। चार घंटे कोई ट्रेन न होने की वजह से सबसे ज्यादा व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कन्नौज से कानपुर के बीच रोजाना दो हजार लोग सफर करते हैं। इनमें व्यापारी, श्रमिक, छात्र भी शामिल हैं। कुछ लोग सुबह सात बजे जाने वाली पैसेंजर से यात्रा करते हैं। बड़ी संख्या में लोग कालिंदी एक्सप्रेस से ही जाना पसंद करते थे। अब चूंकि ट्रेन के समय में बदलाव होने के कारण आधे से अधिक टिकट बिक्री कम हुई है। नए समय सारणी के अनुसार कालिंदी एक्सप्रेस स्टेशन पर सुबह 7 :33 बजे बजे पहुंची है जबकि पहले ट्रेन सुबह नौ बजे स्टेशन पर पहुंचती थी। सुबह जल्दी ट्रेन होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारी और छात्रों को उठानी पड़ रही है। वहीं साढ़े सात बजे से लेकर साढ़े 11 तक कोई ट्रेन नहीं है। रात को वापसी के समय यह ट्रेन कमोबेश रोजाना देर से आ रही है।
लोगों ने बताई समय बदलने से परेशानी
फोटो:15: सतेंद्र बघेल। संवाद
चार घंटे कोई ट्रेन न होने पर हो रही असुविधा
डीआरयूसीसी सदस्य व महासचिव बार एसोसिएशन सतेंद्र बघेल ने कहा कि कालिंदी एक्सप्रेस के समय में बदलाव होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि कचहरी में ज्यादातर अधिवक्ता और कर्मचारी फर्रुखाबाद से आते हैं। लेकिन नए समय के अनुसार ट्रेन फर्रुखाबाद रलवे स्टेशन पर सुबह पांच बजकर 33 मिनट पर पहुंच रही है और वहां से छह बजे छूटती है। इसके अलावा पांच बजकर 25 मिनट पर पैसेंजर ट्रेन है जो कानपुर तक जाती है। इसके बाद अगली ट्रेन नौ बजकर 50 मिनट पर है। ऐसे में सुबह 10 बजे तक दैनिक यात्रियों के अलावा वादकारियों और अधिवक्ताओं को मुख्यालय पहुंचना असंभव है। चार घंटे तक कोई ट्रेन न होने की वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इनसेट
फोटो:16: अनिल गुप्ता। स्वयं
यात्रियों के लिए अनुपयोगी साबित होगी समय सारणी
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष व कानपुर मंडल प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि कालिंदी एक्सप्रेस का रूट कानपुर से बढ़ाकर प्रयागराज तक कर दिया गया है। ट्रेन के समय में बदलाव आने वाले दिनों में अनुपयोगी और कष्टकारी सिद्ध होने वाली है। कहा कि सर्दी के मौसम में जब ट्रेन नौ बजे आती थी तब उसको पकड़ने में समस्या होती थी। सुबह साढ़े सात बजे समय होने पर ट्रेन में सफर करने के लिए कन्नौज, तिर्वा, गुरसहायगंज सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। कहा कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित रेलवे के उच्चाधिकारियों से मिलकर समय सारिणी को जनउपयोगी और यात्रियों के लिए सुविधा जनक बनाने की मांग करेगा।