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Kannauj News: एक्सप्रेसवे पर होगा विकास, रोमा स्मारक से विदेशी पर्यटन बढ़ने की आस

Mon, 01 Jan 2024 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। सब कुछ बेहतर रहा और कोई अड़चन नहीं आई, तो नए साल में इत्रनगरी विकास और पर्यटन के मानचित्र पर अलग पहचान बनाने में कामयाब होगी। पहले से ही कन्नौज के विकास की पहचान बन चुके एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ चुका है। इसी तरह विदेशों में बसे रोमा समुदाय को अपने पूर्वजों की मिट्टी से जोड़ने के लिए यहां रोमा स्मारक बनाया जा रहा है। इसके बनने से विदेशों में बसे लोगों का यहां से जुड़ाव और गहरा होगा।
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इत्र और इतिहास की नगरी के रूप में दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाले कन्नौज को सियासत का मुख्य केंद्र भी माना जाता है। सूबे में सपा की सरकार होने पर इसे सियासत की राजधानी का रुतबा हासिल होता है। ऐसे में यहां समय-समय पर विकास के काफी काम भी हुए हैं। आगरा से लखनऊ को जोड़ने वाले प्रदेश के पहले एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा क्षेत्रफल भी कन्नौज में ही है। अब इसी एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा बनाने की तैयारी है। इसके लिए शासन की ओर से तिर्वा तहसील के क्षेत्र में जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन की पहचान की जा चुकी है, मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही उसका अधिग्रहण करके औद्योगिक विकास को पंख लगने शुरू हो जाएंगे।



दुनिया भर में फैले रोमा समुदाय का इत्रनगरी से गहरा लगाव
करीब एक हजार वर्ष से अधिक के गौरवशाली इतिहास को समेटे रोमा समुदाय की विरासत को संरक्षित करने के लिए शहर में जीटी रोड किनारे एक स्मारक बन रहा है। साथ ही मुक्ताकाशीय मंच का निर्माण हो रहा है। कन्नौज से विस्थापित होकर विश्व भर में फैले रोमा समुदाय के स्मारक को बनाने के लिए सरकार की ओर से चार करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं, उसमें से तीन करोड़ की रकम जारी कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। जीटी रोड किनारे राजकीय म्यूजियम और यूपीटी के बीचोबीच की जमीन पर बन रहे स्मारक से दुनिया के अलग-अलग हिस्साें में रहने वाले रोमा समुदाय के लोगों की निगाहें लगी हुई हैं। दुनिया भर में रोमा समुदाय के कुल छह संग्रहालय हैं, लेकिन कन्नौज का संग्रहालय इनमें अलग स्थान रखेगा। वर्ष 2018 में भारत सरकार ने विश्व रोमा दिवस मनाया था, उसी कड़ी में उस वर्ष दुनिया भर के दो दर्जन से ज्यादा देशों से रोमा समुदाय के लोग यहां आए थे। यह वह लोग हैं, जिनके पुर्वजों को यहां से 11वीं शताब्दी के दौरान ले जाया गया था। बाद में यह लोग अलग-अलग देशों तक फैलते गए। रोमा समुदाय आज भी कन्नौज स्थित काली देवी को अपनी कुल देवी के रूप में मानते हैं। यहां स्मारक बनने से रोमा समुदाय के लोगों का यहां आवागमन होगा, इससे पर्यटन को पंख लगेंगे।
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एक्सप्रेसवे किनारे जमीन की तलाश पूरी, हरी झंडी का इंतजार
एक्सप्रेसवे किनारे परफ्यूम पार्क के साथ विशिष्ट मंडी की स्थापना के बाद सरकार ने आसपास के क्षेत्र में औधोगिक गलियारा बनाने का खाका तैयार किया है। इसके लिए यहां जमीन की तलाश चल रही है। हालांकि प्रशासन ने यहां ठठिया, अलीपुर आहाना, बलनापुर,खानपुर, जनखत गांव में पडी सरकारी और किसानों की भूमि को चिहिन्त किया था, लेकिन बाद में यूपीडा ने इसे खारिज कर दिया था। उसके बाद फिर से मंथन हुआ और महीने भर की मशक्कत के बाद ठठिया क्षेत्र के एक्सप्रेसवे किनारे ठठिया, चंदौली, भुन्ना गांव के किनारे जमीन की पहचान कर उसका प्रस्ताव बताकर यूपीडा को भेजा गया है। अब यूपीडा की ओर से मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
मंत्री की पहल पर विधायक निधि से संवर रहे 21 स्कूल


बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कायाकल्प मिशन के तहत स्कूलों के संवारने का दावा तो किया जा रहा है,लेकिन उसमें लगातार खामियां सामने आ रही हैं। जिन स्कूलों में सभी 19 बिंदुओं को पूरा करने का दावा किया गया है, वहां भी कमियां हैं। इन सभी के बीच सदर विधायक और समाज कल्याणमंत्री असीम अरुण ने अपनी विधायक निधि से अपने निर्वाचन क्षेत्र के 21 बेसिक स्कूलों के कायाकल्प की जिम्मेदारी उठाई। इसके लिए उन्होंने बाकायादा बेसिक शिक्षा विभाग को दो करोड़ 36 लाख रुपये की मदद भी की। उसके तहत उन चिन्हित स्कूलों को संवारने का काम शुरू किया गया है।
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