कन्नौज। दुष्कर्म पीड़िता ने जिला अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया है। चिकित्सकों ने गर्भ ठहरे पांच माह से अधिक समय होने के कारण गर्भपात करने से इन्कार कर दिया था। अब पीड़िता बालिग होने तक कानपुर के बालिका सुधार गृह में रहेगी।
यह मामला तहसील तिर्वा के इंदरगढ़ क्षेत्र के एक गांव से संबंधित है। आरोपी युवक चार माह से जेल में बंद है। चिकित्सकों ने किशोरी की जान को जोखिम होने के कारण गर्भपात नहीं किया था। रविवार की रात किशोरी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां किशोरी ने एक पुत्र को जन्म दिया। नवजात के पिता का नाम रजिस्टर में दर्ज करते समय दुष्कर्म का मामला सामने आया। इसकी जानकारी होने पर इंदरगढ़ थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और आगे की कार्रवाई शुरू की।
जिला प्रोबेशन अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की उम्र 16 वर्ष है। वयस्क होने तक उसे कानपुर के बालिका सुधार गृह में रखा जाएगा। यह व्यवस्था उसकी सुरक्षा और उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए की गई है। सुधार गृह में उसे आवश्यक सहायता और परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीड़िता को प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्रतिमाह छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता उसके और नवजात के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।